जम्मू। अपने दो विदसीय दौरे पर जम्मू पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भगवती नगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में हालात सुधरने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाता है और अब उन्हीं के नेतृत्व में नया जम्मू-कश्मीर बन रहा है। प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में फिर से पंचायती राज स्थापित कर दिया है, जिसका लाभ पूरी जम्मू-कश्मीर की जनता को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सालों तक जम्मू कश्मीर में तीन परिवारों का शासन रहा है।

उन्होंने अब्दुल्ला, मुफ्ती और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1947 से 2014 तक जम्मू-कश्मीर में 42,000 लोगों की हत्या हुई जिसके लिए इन परिवारों की नीतियां जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर पूरी तरह बदल गया है और हाल ही में श्रीनगर में जी-20 का सफल आयोजन इसका ही परिणाम है। सम्मेलन की शानदार सफलता और सभी प्रतिभागी नये संदेश के साथ अपने-अपने देशों को लौट गए हैं। आने वाले दिनों में इसका लाभ भी जम्मू-कश्मीर को देखने को मिलेगा। प्रत्येक विदेशी गणमान्य व्यक्ति शांति का संदेश और अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदलते कश्मीर के संदेश के साथ अपने-अपने देशों में लौटा है। उन्होंने श्रीनगर में जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए एलजी मनोज सिन्हा को श्रेय दिया।

गृह मंत्री ने कहा कि वे दिन चले गए हैं, जब तीन परिवार शासन करते थे और जम्मू-कश्मीर को बर्बाद कर देते थे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी को 1953 में बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने पर अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, तो किसी को भी अपने ही देश में प्रवेश करने के लिए परमिट की आवश्यकता क्यों होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय की सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया गया और बाद में एक साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई, परन्तु उनका बलिदान बेकार नहीं गया है और उनका सपना मोदी सरकार ने पूरा कर दिखाया है। शाह ने कहा कि आज मुखर्जी की आत्मा को शांति मिलेगी क्योंकि एक विधान, एक निशान और एक प्रधान का उनका सपना पूरा हो गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल करने का विरोध करने वाले पहले व्यक्ति थे। शाह ने कहा कि पांच अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठाया और डॉ. मुखर्जी के दृष्टिकोण को पूरा करते हुए अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए हटा दिया और उसी का परिणाम है कि आज जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापित हो गई है और जम्मू-कश्मीर एक नये जम्मू-कश्मीर में बदल गया है।

उन्होंने कहा कि आज पूरा भारत पीएम मोदी के शासन के नौ साल का जश्न मना रहा है। मोदी का शासन एक खुली किताब है। यह यूपीए की तरह नहीं है जिसमें 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। शाह ने कहा कि उनके नौ साल के शासन के दौरान मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आज शहर में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। इसके साथ ही भाजपा ने आतंकवाद पर नकेल कस दी है और आतंकवाद अपनी मृत्यु शय्या पर है और बहुत जल्द इसका नामोनिशान मिट जायेगा।

गृहमंत्री ने कहा कि यूपीए के दस साल के शासन में 60,327 आतंकवादी घटनाएं हुईं। एनडीए के नौ साल के शासन में 70 प्रतिशत कम आतंकी घटनाएं हुई हैं। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद 47 महीनों में हड़ताल के लिए केवल 32 कॉल आए, जबकि पथराव में 90 प्रतिशत की गिरावट आई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं ने पत्थरों की जगह लैपटॉप और किताबों को ले लिया है। शाह ने बताया कि 2022 में पहली बार 1.88 करोड़ पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए। 2024 के संसदीय चुनावों के लिए जम्मू के लोगों से मोदी के लिए समर्थन मांगते हुए उन्होंने कहा कि राहुल बाबा और मोदी जी के बीच कोई तुलना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम 2024 के चुनावों में 300 से अधिक सीटें जीतेंगे।

शाह जम्मू में तिरूपति मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद दोपहर बाद कश्मीर घाटी पहुंचेंगे और श्रीनगर स्थित राजभवन सभागार में शाम 4ः30 बजे विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाम 5ः30 बजे एसकेआईसीसी श्रीनगर में संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित वितस्ता महोत्सव में शामिल होंगे, जबकि 24 जून को सुबह 10ः30 बजे प्रताप पार्क श्रीनगर में बलिदान स्तंभ का शिलान्यास करेंगे।

गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को देखते हुए शहर में हाई अलर्ट कर दिया गया है। पूरे शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3 हजार सुरक्षाबलों को लगाया गया है। इनमें पुलिस, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं।

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