-ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा से बैठक की हुई शुरुआत, मुख्यमंत्री जिलावार उपलब्धियों की ले रहे जानकारी, अधिकारियों को दे रहे अहम निर्देश
-मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया निर्देश – राशन कार्ड धारियों और लाभुकों को फलदार पौधा उपलब्ध कराएं
-मुख्यमंत्री ने कहा- विद्यालयों में महीने में एक दिन स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाए
-योजनाएं कागज पर नहीं ,जमीन पर दिखनी चाहिए
-गांवों को ग्रीन करने में बिरसा हरित ग्राम योजना काफी कारगर साबित होगी
झारखंड मंत्रालय में राज्य में क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं को लेकर विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और सचिव की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. साथ ही मुख्यमंत्री ने कई निर्देश भी दिए.
राज्य में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है? सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स की प्रगति की क्या गति है? गरीबों और जरूरतमंदों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में कितना आगे बढ़े हैं? जन समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं? इन्ही विषयों को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव /सचिव की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे हैं। बैठक की शुरुआत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा से हुई। मुख्यमंत्री ने इस सिलसिले में विभिन्न जिलों में मनरेगा की योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
ग्रामीण इलाकों से श्रमिकों का पलायन नहीं हो
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण इलाकों से रोजगार की तलाश में मजदूरों का पलायन होने की बात लगातार सामने आ रही है ।यह चिंताजनक है। सरकार ने रोजगार सृजन के लिए मनरेगा के तहत कई योजनाएं चला रही है। हर पंचायत में कम से कम पांच योजनाओं का संचालन होना है। इसे आप प्राथमिकता के साथ लागू करें , ताकि मजदूरों को अपने गांव -घर में रोजगार मिल सके।
राशन कार्ड धारियों और लाभुकों को फलदार पौधा उपलब्ध कराएं
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों को कहा कि वे सभी राशन कार्ड धारियों और विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को कम से कम दो- दो फलदार पेड़ देना सुनिश्चित करें ।इससे ना सिर्फ ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बेहतर कदम होगा।
गांवों में भी खेल मैदान विकसित किए जाएं
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पंचायतों के बाद अब वैसे गांवों को चिन्हित करें, जहां ज्यादा आबादी है और वहां वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के तहत खेल मैदान विकसित किए जाएं, ताकि सरकार ने खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की जो योजना बनाई है, उसका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन हो सके। शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं जो खेल में रुचि रखते हैं वैसे खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट्स उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इससे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विद्यालयों में महीनें में एक दिन स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाय और इस दिन विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन हो। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से बच्चों और उनके अभिभावकों की इसकी सूचना दी जाए ताकि वे स्पोर्ट्स डे शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए भी इस तरह की खेल योजना बनाने का निर्देश दिया।
अहम तथ्य
★ राज्य के 4153 पंचायत में मनरेगा की योजनाएं हो रही है संचालित।
★ चालू वित्त वर्ष में जून तक 297 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें अभी तक 240 लाख से ज्यादा मानव दिवस का सृजन हो चुका है जो लगभग 80 प्रतिशत है।
★राज्य के 9538 गांवों में बिरसा हरित ग्राम योजना का हो रहा है संचालन।
★ चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 110 खेल मैदान किए जा चुके हैं विकसित।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश अधिकारियों को दिए..
★ अगले 3 महीनों में सभी प्रज्ञा केंद्रों के कार्यप्रणाली में सुधार हो यह सुनिश्चित करें
★ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाएं
★ विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े
★ डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पंचायती राज विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक संख्या में प्रज्ञा केंद्र स्थापित करना सुनिश्चित करें। सभी गांवों में प्रज्ञा केंद्र संचालित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े इस सोच के साथ प्रज्ञा केंद्रों को पूर्णरूपेण कार्यरत करें। आम जनता को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, नया आधार कार्ड बनाना तथा आधार कार्ड में भूल सुधार आदि कार्य उनके निकटतम प्रज्ञा केंद्र में ही ससमय उपलब्ध कराया जा सके इस लक्ष्य के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 3 महीने के अंदर राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्रों में बिजली, पानी, जनरेटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं सिक्योरिटी सहित अन्य जरूरी सुविधा हर हाल में उपलब्ध करायी जाए। सभी प्रज्ञा केंद्रों के कार्यप्रणाली में सुधार हो यह सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर की उपयोगिता सत प्रतिशत सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रज्ञा केंद्रों में कंप्यूटर कार्यरत रहेगा तभी सभी प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने में सहूलियत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रज्ञा केंद्रों में बैंक से संबंधित कार्य एवं पोस्ट ऑफिस से संबंधित कार्यों की सुविधा भी सुनिश्चित करायी जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य के सभी पंचायत भवनों में प्रज्ञा केंद्र स्थापित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में लगभग 20 हजार प्रज्ञा केंद्र कार्यरत है। आने वाले दिनों में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 35 हजार तक करने का कार्य करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य में कार्यरत सखी मंडल की महिलाएं भी प्रज्ञा केंद्र संचालित कर सकें इस निमित्त एक बेहतर कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रज्ञा केंद्रों के बेहतर संचालन से ही डिजिटाइजेशन की सोच को साकार किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पंचायतों को सशक्त करने के संकल्प के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करें। पंचायती राज विभाग 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग भी सुनिश्चित करे। योजनाओं को पूर्ण करने निमित्त 15वें वित्त आयोग से बैकअप सपोर्ट लें। पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का ससमय ऑडिट करने का कार्य भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में दिए कई निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, छात्रवृत्ति योजना, एकलव्य मॉडल स्कूल, आवासीय विद्यालय, आश्रम स्कूल और पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए आवासीय विद्यालय के संचालन से जुड़ी जानकारी ली
मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश
प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शत प्रतिशत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि जल्द से जल्द दी जाए।
★विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 146 करोड़ रुपए में से लाभुकों के बीच 104 करोड़ रुपये किए जा चुके हैं वितरित ।
★ मुख्यमंत्री ने कहा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति से जुड़ी कुछ समस्याओं की जानकारी मुझे मिली है। सुनिश्चित करें कि बच्चों को कोई भी समस्या न हो।
★ मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत लाभुकों को मदद, उनकी मॉनिटरिंग करने का भी काम करें।
★ जहां-जहां आवेदनकर्ताओं को सीएमईजीपी योजना अंतर्गत लाभ नहीं मिला है वहां उन्हें योजना से शीघ्र जोड़ना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में दिए कई निर्देश
मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश
★ सभी जिले यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन से वंचित नहीं है । इस संदर्भ में 30 जून तक वे अपनी रिपोर्ट सरकार को समर्पित करें।
★ मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में दिव्यांगता के मामले बढ़ रहे हैं ।ऐसे में दिव्यांगता क्यों बढ़ रही है और किन-किन इलाकों दिव्यांगता के केसेज ज्यादा आ रहे हैं , इसकी मैपिंग उपायुक्त अपने स्तर पर कराएं ताकि इसे रोकने की दिशा में आवश्यक कदम उठाया जा सके।
★राज्य में लगभग 11 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन बनाया जाना है। इसके लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सभी उपायुक्त कदम उठाएं और डीएमएफटी तथा सीएसआर फंड से भवन निर्माण का कार्य सुनिश्चित
करें।
★ विभाग की ओर से बताया गया कि राज्य में पंचानवे प्रतिशत दिव्यांगों को दिव्यांगता पेंशन से आच्छादित किया जा चुका है।
★ सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत 9 लाख बच्चियों को इसका लाभ सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से 7 लाख 29 हज़ार बच्चियों को इस योजना से अब तक जोड़ा जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राजस्व ,भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राजस्व, भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग की समीक्षा के क्रम में दाखिल खारिज के हज़ारों मामले के लंबित होने एवं निरस्त किए जाने को गंभीरता से लिया । उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन म्यूटेशन की व्यवस्था शुरू की गई है तो फिर दाखिल खारिज के मामलों के निष्पादन में विलंब होना काफी चिंताजनक है। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे ऑनलाइन म्युटेशन सिस्टम की निगरानी करने के साथ उसकी नियमित समीक्षा करें। इस सिलसिले में अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों के साथ बैठक कर दाखिल खारिज के मामलों के लंबित और निरस्त किए जाने की वजह की जानकारी लें। अगर इसमें जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। तय समय सीमा में दाखिल खारिज के मामले निपटाए जाएं, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में कहा कि पंचायत स्तरीय दवा दुकान योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को दवा दुकान के लिए लाइसेंस दिया जाना है। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में विशेष रणनीति बनाकर कार्य करें । इस संबंध में युवाओं को इस योजना के तहत दवा दुकान खोलने के लिए प्रेरित करें।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना डाडेल एवं मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव /सचिव और जिलों के उपायुक्त मौजूद रहे।