नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने असम में मानसून के मौसम से पहले बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। शनिवार को आयोजित बैठक में असम में बाढ़ के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय संस्थानों और राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा किए गए प्रबंधों का आकलन किया गया। डॉ. मांडविया ने बाढ़ और किसी भी अन्य आपात स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य स्वास्थ्य संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से एक बाढ़ प्रबंधन मॉडल सर्वोत्तम परिणाम ला सकता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से बैठक में जुड़े डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण देखभाल उपकरणों, ऑक्सीजन, अस्पतालों में बिस्तरों के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता की तैयारी की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य देखभाल और वेक्टर जनित और जल जनित रोगों के बारे में समुदायों के बीच अधिक जागरूकता पर भी जोर दिया।
डॉ. मांडविया ने अधिकारियों से असम में बार-बार आने वाली बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ प्रबंधन मॉडल पर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए बेड, ऑक्सीजन और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता जैसी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं को सूचीबद्ध करते हुए एक ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया।