झारखंड में दवा दुकान खोलने के लिए अब फार्मासिस्ट की डिग्री की जरूरत नहीं: हेमंत सोरेन
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा एलान किया है। कल्याण गुरुकुल और कौशल कॉलेज के 500 छात्र-छात्राओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर भी दवा की दुकानें खुलेंगी, ताकि लोगों को दवा के लिए दूरदराज के इलाकों में जाना नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होनी चाहिए थी, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं है। अब पढ़े-लिखे युवा भी दवा दुकान खोल सकते हैं।
पढ़े-लिखे युवा भी खोल सकते हैं दवा दुकान
राजधानी रांची के नगराटोली स्थित आइटीआइ कौशल कॉलेज परिसर में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दवा दुकान खोलने के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होनी चाहिए थी, लेकिन अब जब दवा के डब्बे में ही सब कुछ लिखा हुआ है, तो डिग्री की क्या जरूरत है। कहा कि जिसे पढ़ना-लिखना आता हो वह भी दवा दुकान खोल सकता है। कहा कि गांव या पंचायत में जो दवा दुकान चला रहे हैं, उसके लिए आॅनलाइन डॉक्टरों से संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध करायी जायेगी।
अब तक 30 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेझा फाउंडेशन और राज्य सरकार मिल कर इस राज्य में यहां के अनुसूचित जाति और जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों में स्वावलंबी बनाने को प्रयासरत है। अभी तक 30 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। कहा कि कोरोना काल में भी प्रेझा फाउंडेशन की तरफ से नर्सिंग का नियुक्ति पत्र दिया गया और आज दोबारा यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
राज्य के 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में करते हैं निवास