खेरसॉन। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र खेरसॉन पहुंचे, जहां उन्होंने बांध के टूटने से हुए नुकसान का मूल्यांकन किया। दूसरी ओर, बांध टूटने से रूस के कब्जे वाले शहर में पांच लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है।
नोवा कखोव्का शहर के रूस द्वारा नियुक्त मेयर व्लादिमीर लियोन्तीव ने रूसी सरकारी टीवी को गुरुवार को बताया कि मंगलवार को बांध के टूटने के बाद लापता घोषित किए गए सात स्थानीय लोगों में से पांच की मौत हो गई है।
रूस के नियंत्रण वाला यह शहर उस स्थान से पांच किलोमीटर दूर है जहां कखोव्का बांध टूटा है। उन्होंने कहा कि दो अन्य लोगों का पता लगा लिया गया है और उन्हें निकालने की कोशिश की जा रही है।
वहीं राष्ट्रपति जेलेंस्की यूक्रेन के नियंत्रण वाले पश्चिम तट पर पहुंचे। यूक्रेन के नेता ने अपने टेलीग्राम अकाउंट पर लिखा कि वह नागरिकों को निकालने के प्रयासों का आकलन करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों को पेयजल और अन्य मदद उपलब्ध कराई है तथा व्यापक पर्यावरणीय क्षति को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
जेलेंस्की ने जलस्तर बढ़ने के कारण अपने घरों और कार्यालयों को छोडऩे वाले लोगों को मुआवजा देने के लिए धन आवंटन की संभावना भी जताई। अधिकारियों ने बताया कि नाइपर नदी के पास रूस और यूक्रेन नियंत्रित इलाकों से कम से कम चार हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है।
क्षेत्रीय गवर्नर ऑलेक्ज़ेंडर प्रोकुदिन ने कहा कि बृहस्पतिवार सुबह क्षेत्र में बाढ़ का स्तर सामान्य से 5.6 मीटर ज्यादा था और क्षेत्र का करीब 600 वर्ग किलोमीटर का हिस्सा पानी में डूबा हुआ है जो रूसी नियंत्रण वाले पूर्वी तट का दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा है।
इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्विटर पर कहा कि बांध को नष्ट करना एक हमला है और अत्याचारी कृत्य है। पेरिस ने कहा कि वह आपदा से विस्थापित हुए लोगों की मदद के लिए सहायता भेज रहा हैं जिसमें जल शोधक, पानी को शुद्ध करने वाली पांच लाख गोलियां और स्वच्छता किट शामिल है।
यूक्रेन के अधिकारियों ने रूस पर जानबूझकर बांध को तबाह करने का आरोप लगाया है, क्योंकि यह रूस के बलों वाले इलाके में स्थित था जबकि रूस ने बांध टूटने के लिए यूक्रेन की गोलाबारी को जिम्मेदार ठहराया है।