रांची। राज्य सरकार ने तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता गोड्डा लखी राम बास्के को निंदन का दंड दिया है। उनके खिलाफ बिना अवकाश स्वीकृत कराये चार जनवरी 2010 से अब तक अनाधिकृत रूप से लंबी अवधि से मुख्यालय से बाहर रहने, कोविड 19 के रोकथाम के लिए इस वैश्विक महामारी में वास्तविक कारण को छुपाते हुए कर्तव्य से बाहर रहने, लोकायुक्त कार्यालय में आये परिवाद के बाद अनुपस्थित होना सहित कई आरोप है। हालांकि इसके बावजूद सरकार ने उन्हें 29 सितंबर 2021 को प्रोन्नति दी, जिसके बाद भी उन्होंने डाक के माध्यम से अपना योगदान कराया।

इसके बाद उनसे मार्च 2022 में स्पष्टीकरण किया गया, जिसका जवाब उन्होंने मई माह में दिया और कहा कि समय-समय पर उपायुक्त गोड्डा को छुट्टी के लिए पत्र लिखते रहे। स्वास्थ्य भी खराब है। इसके बावजूद तत्कालीन उप समाहर्ता गोड्डा मनोज कुमार ने व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया। लोकायुक्त कार्यालय में अनुपस्थित रहने वाले में भी उन्होंने जवाब दिया है। उनके जवाब की समीक्षा की गयी, जिसमें यह पाया कि उन्होंने प्रशासन को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया जो अनुशासनहीनता का परिचायक है। मामले पर मुख्यमंत्री की सहमति के बाद उन्हें निंदन का दंड दिया गया है।

 

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