रांची। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि झारखंड में जातीय जनगणना कराने का सरकार का निर्णय सराहनीय है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाये, कम है। जनगणना से प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर सरकार के द्वारा प्रभावी नीति बनाने में सहायता मिलेगी। इससे सामाजिक न्याय और अधिकार से वंचित झारखंड की जाति को विशिष्ट सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनका शैक्षणिक-आर्थिक विकास संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को भेजे गये पत्र में श्री तिर्की ने सरकार के इस बहुप्रतीक्षित निर्णय की प्रशंसा की। कहा कि इसके बाद न केवल किसी भी दृष्टि से वंचित-उपेक्षित जातियों के लोगों का शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक विकास संभव हो सकेगा, बल्कि झारखंड में एक वैसे समाज के निर्माण में सहायता मिलेगी, जहां सभी के मध्य परस्पर सामंजस्य हो और सभी एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। कहा कि इस निर्णय के साथ ही झारखंड में जनजातीय भाषा-साहित्य अकादमी की स्थापना का निर्णय भी बहुप्रतीक्षित है और इसका इंतजार झारखंड गठन के बाद से ही था। अफसोस है कि किसी सरकार ने इस दिशा में पहल नहीं की। इससे झारखंड को एक वैसी नवीन पहचान मिलेगी, जिसके लिए झारखंड का गठन किया गया था।