रांची। बैंक में बैठ कर घंटों रेकी कर लूट करनेवाले गिरोह का रांची पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के आधा दर्जन लोग करीब तीन माह से झारखंड में रह कर घटना को अंजाम दे रहे थे। आरोपी सिल्लीगुड़ी से चोरी की स्कूटी से रांची पहुंचा था। रांची में स्कूटी में फर्जी नंबर लगा कर रेकी करता था। गिरोह के लोग टारगेट सेट करके उनका पैसा उड़ा देते थे। रांची के सुखदेवनगर थाना पुलिस ने गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में आनंद ग्वाला और बिजेंद्र ग्वाला के नाम शामिल है। दोनों बंगाल के जलपाइगुड़ी जिले के राजगंज थाना क्षेत्र स्थित फातलफुकुल के रहनेवाले हैं। आरोपी तीन दिन पूर्व बोकारो में भी लूट की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह के लोग ग्राहक बन कर बैंक में बैठ कर रेकी करते थे। टारगेट सेट होने पर बाहर बैठे लोगों को जानकारी देते थे। इसके बाद आरोपी छिनतई की घटना को अंजाम देते थे।
चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित मुडला पहाड़ के पास एंटीक्राइम चेकिंग की जा रही थी। उसी क्रम में स्कूटी सवार दोनों आरोपी पुलिस को गाड़ी रोकवाता देख भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि आरोपियों को पुलिस बल के सहयोग से पकड़ लिया गया। गाड़ी के कागजात की मांग करने पर कागजात प्रस्तुत नहीं किये। स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेचिस नंबर का मिलान किया गया तो पता चला कि उक्त वाहन का रजिस्ट्रेशन संख्या, इंजन संख्या और चेचिस संख्या भिन्न भिन्न है। इसके बाद जब दोनों आरोपियों से उक्त वाहन के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि स्कूटी चोरी की है। इसे ये लोग सिल्लीगुड़ी से चोरी कर रांची लाये हैं। गिरोह के अन्य लोगों के साथ मिल कर स्कूटी की मदद से शहर के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में स्थित बैंकों की रेकी किया करते हैं। इसी गिरोह ने 29 मई को रातू रोड स्थित दुर्गा मंदिर के पास 1.50 लाख रुपये की छिनतई की घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपी के अलावा विजय ग्वाला और रवि ग्वाला भी इस घटना में शामिल था। 3 मई को बोकारो जिले के बोकारो थर्मल इलाके में चारों अपराधियों ने एसबीआइ के सामने 35000 रुपये की छिनतई की घटना को अंजाम दिया था।