रांची। धन शोधन मामले में आरोपित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद अपना पासपोर्ट पीएमएलए की विशेष अदालत में जमा कर दिया। दोनों अपनी बेटी के इलाज के सिलसिले में सिंगापुर गए थे। अदालत के निर्देशानुसार भारत लौटने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर उन्होंने पासपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दिया।
पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने चार मई को पूजा सिंघल और अभिषेक झा को सात दिनों के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति दी थी। अदालत ने यह अनुमति उनकी बेटी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए प्रदान की थी। आदेश के अनुसार, दोनों को 31 मई तक भारत लौटना था और वापसी के एक सप्ताह के भीतर अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना अनिवार्य था।
दरअसल, पूजा सिंघल और अभिषेक झा की ओर से अदालत में एक याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें उनकी बेटी की गंभीर बीमारी का उल्लेख किया गया था। याचिका में कहा गया था कि उनकी बेटी ‘लार्ज सेरेब्रल आर्टेरियोवेनस मालफॉर्मेशन’ नामक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित है। यह मस्तिष्क से जुड़ी एक जटिल चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें रक्त वाहिकाओं का असामान्य विकास हो जाता है और मरीज को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
विशेष अदालत ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सीमित अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान की थी। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि यात्रा पूरी होने के बाद दोनों को वापस लौटकर पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा। अदालत के आदेश का पालन करते हुए पूजा सिंघल और अभिषेक झा ने बुधवार को अपना पासपोर्ट जमा कर दिया। गौरतलब है कि पूजा सिंघल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े चर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रही हैं। मामले की सुनवाई पीएमएलए की विशेष अदालत में चल रही है।



