रांची। राज्यसभा चुनाव को लेकर सोमवार को झामुमो प्रत्याशी बैद्यनाथ राम, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा तथा भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने नामांकन दाखिल कर दिया। सबसे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने दो सेट में नामांकन दाखिल किए।

मुख्यमंत्री उनके प्रस्तावक बने हैं। मुख्यमंत्री की ही उपस्थिति में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने भी दो सेट में पर्चा भरा। दोनों के नामांकन के समय कांग्रेस के दोनों पर्यवेक्षक भूपेश बघेल व अजय शर्मा, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं सत्तारूढ़ गठबंधन के तमाम मंत्री व विधायक उपस्थित रहे।

इधर, भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी ने भी नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले नथवानी भाजपा के प्रदेश कार्यालय भी पहुंचे थे। बाद में भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल के आवास पर जाकर वहां से भाजपा विधायकों के साथ नामांकन के लिए विधानसभा पहुंचे। इधर, नामांकन दाखिल करने के बाद बैद्यनाथ राम ने कहा कि महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

वहीं, परिमल नथवानी ने कहा कि वे पुराने झारखंडी हैं। उन्हें विश्वास है कि जीत मिलेगी। सत्तापक्ष का भी उन्हें साथ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेरे दो कार्यकाल के काम को पूरा झारखंड देखा है। उनके नामांकन के सवाल पर झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि नामांकन करना और जीतना दोनों अलग है।

भाजपा के ही सभी विधायकों का भी उन्हें समर्थन मिलेगा, यह भी कहा नहीं जा सकता। स्थानीयता और राज्य के मुद्दे पर भी हैं। भाजपा ने किसी दलित को राज्यसभा नहीं भेजा? उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी, चंपाई सोरेन यहां तक कि भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह को भी दलित को राज्यसभा भेजने के लिए समर्थन की घोषणा करना चाहिए।

लेकिन ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि भाजपा ने अपना नैतिक आधार खो दिया है। सुप्रियो ने कहा कि वे पहले ही कह चुके हैं कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा यहां खेल शुरू कर देगी। वही हुआ।

सुबह खत्म हुआ भाजपा का सस्पेंस
परिमल नथवानी और गौरव वल्लभ को लेकर भाजपा का सस्पेंस सोमवार को सुबह खत्म हुआ, जब परिमल नथवानी सक्रिय हुए। दूसरी तरफ, एक दिन पूर्व रांची में जमे गौरव वल्लभ की कोई सक्रियता नहीं दिखी।

बैद्यनाथ की जीत पक्की, प्रणव पर परिमल में रोचक मुकाबला

एक सीट पर बैद्यनाथ राम की सीट तो पक्की है, लेकिन प्रणव झा व परिमल नथवानी के बीच रोचक मुकाबला की उम्मीद है। सत्तारूढ गठबंधन एकजुट रहा तो प्रणव जीतें। एक-दो विधायक भी इधर-उधर हुए तो मामला बिगड़ जाएगा। एनडीए विधायकों के समर्थन के बाद परिमल नथवानी को सिर्फ तीन विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।

नामांकन के बाद परिमल नथवानी बोले-

झारखंड मेरी कर्मभूमि रही है। इससे पहले भी मैं राज्यसभा का सदस्य रहा हूं और झारखंड के लिए काम कर चुका हूं। अबकी बार भी मुझे मौका मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं उन कामों को आगे बढ़ाऊंगा। मैं मुख्यमंत्री कांग्रेस और भाजपा तीनों पार्टियों के नेताओं को जानता हूं इसलिए मैं पूरी तरह से आश्वस्त  हूं कि जीत हमारी होगी।

प्रणव झा बोले –

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हम जीतने जा रहे हैं। भाजपा के पास प्रत्याशी नहीं था तो धन पशु के सहारे वह मैदान में उतरी है। हार्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया है। यह झारखंड की धरती है, यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की नहीं चलेगी और ना ही उनका मंसूबा सफल होगा।

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