पूर्वी सिंहभूम। बागबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों की बहुप्रतीक्षित बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के वर्षों से अधर में लटके रहने के विरोध में रविवार को ग्रामीणों ने टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन और प्रदर्शन किया। ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव ने किया।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर से योजना का शिलान्यास किया गया था और तीन वर्षों में हर घर तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे क्षेत्र के हजारों परिवार आज भी जल संकट से जूझ रहे हैं।

अनशन के दौरान किशोर यादव ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा कार्यपालक एजेंसी की लापरवाही के कारण योजना लगातार विलंबित होती रही है। विभाग ने जून के पहले सप्ताह से जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक लोगों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी के विरोध में ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर योजना पूरी कर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो विभागीय कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और तालाबंदी की जाएगी। प्रदर्शन में ग्राम विकास संघर्ष समिति के कई सदस्य और स्थानीय ग्रामीण शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन की उदासीनता पर भी नाराजगी जताई, क्योंकि अनशन के दौरान कोई वरिष्ठ अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा।

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