बीजिंग: चीन ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की आगामी बोत्सवाना यात्रा को लेकर बुधवार को नाराजगी जताई और अफ्रीकी देश को बीजिंग के ‘बुनियादी हितों’ को ‘नुकसान न पहुंचाने’ की चेतावनी दी।
बीजिंग दलाई लामा से संबंध रखने वाले देशों का विरोध करता रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा, चीन दलाई लामा के सम्बद्ध देशों के दौरे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है।
उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि सम्बद्ध देश चीन के बुनियादी हितों का सम्मान करें।
उन्होंने कहा, चीन अन्य देशों के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। साथ ही हम यह स्वीकार नहीं करेंगे कि अन्य देश चीन के बुनियादी हितों को नुकसान पहुंचाएं।
धार्मिक नेता 17 अगस्त से बोत्सवाना के गबोरोने में तीन दिवसीय मानवाधिकार सम्मेलन में शामिल होंगे।
चीन अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है। चीन की सरकारी कंपनियों के पास बोत्सवाना में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के अनुबंध हैं।
अगर कोई देश दलाई लामा को आमंत्रित करता है तो चीन उससे बदला लेने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाता है।
पड़ोसी देश मंगोलिया के मामले में चीन ने उस पर एक प्रकार से आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे गरीब देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी।
वहीं, अप्रैल में दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा के बाद चीन ने बदले के तौर पर पूवरेत्तर राज्य के छह शहरों के नाम बदल दिए थे।
चीन अरुणाचल पर अपना दावा करता है।