रांची: मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने निर्देश दिया है कि राज्य में विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए अर्जन की जानी वाली भूमि की राशि का वितरण रैयतों के बीच अविलंब करें। साथ ही अर्जित भूमि का हस्तांतरण संबंधित एजेंसी को किया जाये। उन्होंने कहा कि जो राशि वितरण योग्य नहीं है, उस राशि को सहकारी बैंकों में जमा करायें। वह बुधवार को राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला के अपर समाहर्ताओंं को निर्देश दे रही थीं।
दी गयी जमीन पर कार्यों का सत्यापन भी करें : उन्होंने निर्देश दिया कि जंगल-झाड़ी वन भूमि को चिह्नित करने के बाद ही क्लीयरेंस के लिए वन विभाग को अधियाचना भेजें तथा समन्वय स्थापित कर अनापत्ति प्रमाण पत्र लें। साथ ही डीएफओ के साथ ज्वाइंट वेरीफिकेशन किया जाये। उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालय अथवा केंद्रीय विद्यालय एवं केंद्रीय परियोजनाओं यथा- फ्रंड कॉरीडोर, एनएच एवं रेल परियोजनाओं के लिए जमीन हस्तांतरण हेतु रिकार्ड खोलें और विभाग को प्रेषित करें।
जिन योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए नि:शुल्क जमीन हस्तांतरित की जा चुकी है, उक्त जमीन पर कार्य प्रारंभ हुआ है या नहीं इसका सत्यापन करें और विभाग को सूचित करें।
उन्होंने निर्देश दिया कि ऊर्जा विभाग द्वारा यदि भूमि मांगी जाती है, तो उसे प्राथमिकता के तौर पर एक सप्ताह के अंदर निष्पादित करें, ताकि विद्युत योजनाओं पर कार्य शुरू हो सके।
बैठक में मुख्य रूप से सचिव राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग केके सोन, निदेशक राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के श्रीनिवासन सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
4276 एकड़ भूमि का हस्तांतरण
विभाग ने बताया कि अब तक विभिन्न विभागों से अंतरविभागीय नि:शुल्क भूमि हस्तांतरण की कुल 964 अधियाचना प्राप्त हुई है, जिसमें से 811 अधियाचनाओं का निष्पादन कर कुल 4276 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया जा चुका है। भू-अर्जन के संबंध में मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी जिलों में पीएमयू के माध्यम से योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए अर्जित भूमि का हस्तांतरण किया जाये। उन्होंने कहा कि एनएच-32, 33 एवं 02 के लिए भू अर्जन का कार्य जल्द पूर्ण करें ,ताकि कार्य शुरू हो सके।
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि विश्व युवा दिवस पर 12 फरवरी-2018 को राज्य के 20 हजार युवा हुनरमंद बनेंगे और उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया जायेगा। इसके लिए युवाओं को स्किल्ड किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कस्तूरबा विद्यालय से इंटर पास करनेवाली बच्चियों का कॉलेजों में नामांकन कराया जाये। जो बच्चियां स्किल्ड डेवलपमेंट का कोर्स करना चाहती हैं, उनका हुनर पोर्टल में निबंधन कराया जाये। वह बुधवार को उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा कर रही थीं।
मैनेजमेंट संस्थान खोलेगी सरकार
सीएस ने निर्देश दिया कि प्रबंधन के क्षेत्र में युवाओं में बढ़ती रुचि को देखते हुए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अगले वर्ष से प्रबंधन की शिक्षा आरंभ करने के लिए कार्ययोजना बनायें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी अनुमंडलों में पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले जायें। इसके तहत कई अनुमंडलों में कॉलेज निर्माण हो चुका है। कई में कॉलेज भवन का निर्माण हो रहा है।
कॉलेज चलें अभियान से युवाओं को करें प्रेरित
कहा कि जो बच्चे कॉलेज नहीं जाना चाहते, उन्हें कॉलेज कैंपस में ही संचालित स्किल्ड डेवलपमेंट का प्रशिक्षण दें, ताकि कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को नौकरी मिल सके। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे युवा जो दिन में काम करते हैं और पढ़ने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए कॉलेजों में देर शाम की कक्षा प्रारंभ करने की योजना तैयार करें, ताकि उन्हें हुनर के साथ शिक्षा की डिग्री भी मिल सके। उन्होंने कहा कि कॉलेज चलें अभियान के माध्यम से युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें।
14181 युवा ले रहे ट्रेनिंग
विभागीय सचिव ने बताया कि राज्य के युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास के लिए राज्य में 5 मेगा स्किल सेंटर शुरू हो चुके हैं और 5 नये सेंटर अगस्त में शुरू हो जायेंगे। राज्य में कुल 84 प्रशिक्षण केंद्रों में 490 बैच के कुल 14181 युवा ट्रेनिंग ले रहे हैं। 2585 युवा प्रशिक्षित हो चुके हैं। अगले वित्तीय वर्ष से चार शाखाओं में पढ़ाई प्रारंभ करने की प्रक्रिया जारी है। कोर्स एक्सपेंशन को देखते हुए अतिरिक्त पद सृजन की कार्रवाई शुरू हो गयी है। बैठक में मुख्य रूप से सचिव उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग अजय कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।