चतरा: लापरवाही और असंवेदनशीलता के मामले को लेकर चतरा सदर अस्पताल पर सोमवार को गाज गिरी। उचित इलाज नहीं करने और शव के लिए एंबुलेंस नहीं देने पर कार्रवाई करते हुए सीएम रघुवर दास ने दो डॉक्टर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। वहीं सर्पदंश की दवा नहीं होने के मामले में जांच का आदेश देते हुए रिपोर्ट मांगी है।

यह है मामला : दरअसल, टंडवा प्रखंड के सिदपा गांव के राजेंद्र उरांव को विषैले सांप ने काट लिया था। इलाज कराने राजेंद्र को लेकर उसके परिजन सदर अस्पताल आये थे। अस्पताल में सर्पदंश की दवा नहीं होेने के कारण उसकी मौत हो गयी। इसके बाद उसके परिजन अस्पताल प्रबंधन से कई घंटों तक शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की गुहार लगाते रहे। किसी ने फरियाद नहीं सुनी। इसके बाद पत्नी और भाई शव को कंधे पर टांग कर अस्पताल से चल दिये। पति के शव को लाद कर ले जा रही पत्नी की पीठ पर उसका बच्चा भी था। इसके बावजूद किसी को बेबसी नहीं दिखी। जहां हाथ वजन नहीं थाम सका, शव को जमीन पर रखा और फिर शव लेकर चलते रहे।

दो निलंबित : अस्पताल प्रबंधन की अमानवीय हरकत की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अस्पताल प्रबंधक डॉ निशांत कुमार और उपाधीक्षक डॉक्टर कृष्ण कुमार को निलंबित करने का आदेश दिया। इसके बाद जिले के उपायुक्त संदीप सिंह ने निलंबन संबंधी आदेश भी निर्गत कर दिया। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अस्पताल में दवा नहीं होने के मामले की जांच भी शुरू हो गयी है। मृतक के परिजनों को सीएम ने एक लाख रुपये देने की घोषणा की है।

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