रांची: राज्य में अब अफवाह फैलानेवालों की खैर नहीं है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि राज्य में एक भी छिनतई की घटना न घटे ये पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुरक्षा देना हमारी जिम्मेवारी है। लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसी के साथ किसी भी प्रकार की मुरव्वत न करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में विधि व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण पर समीक्षा बैठक कर रहे थे।
अवैध माइनिंग के लिए थानेदार जिम्मेदार होंगे
श्री दास ने कहा कि अवैध माइनिंग के लिए थानेदार ही जिम्मेवार होंगे। जहां अवैध माइनिंग हो, वहां भी थानेदार पर कार्रवाई करें। किसी घटना में कार्रवाई दिखावे के लिए न करें। मामले का तय समय में निपटारा कर दोषी को सजा दिलायें। 15 दिनों में नयी शांति समिति का गठन करें। इसमें ज्यादातर सदस्य युवाओं को बनायें। केंद्रीय कमेटी में चिकित्सक, शिक्षाविद् आदि को स्थान दें। जिला कमेटी में सभी दलों के जिला अध्यक्षों समेत समाज की सिविल सोसाइटी के लोगों को रखें।
ट्रैफिक कंट्रोल में सख्ती बरतें, चालान घर भेजें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक नियंत्रण बड़ी चुनौती है। इसके निराकरण के लिए प्लान बनायें और उसे लागू करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और कार चालक सीट बेल्ट लगायें, इसे सुनिश्चित करें, पर ध्यान रखें कि लोगों को तंग न किया जाये। पुलिसकर्मी केवल नंबर लिखने के लिए मोटरसाइकिल को रोकें और उसके घर पर चालान भेज दें। सभी प्रमुख शहरों में हाइ डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरा लगायें। शहरों में अपराध की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थानेदार की जवाबदेही तय करें। मोटरसाइकिल दस्ते को काम पर लगायें। गांव में बिचौलिये हमारे भोले-भाले गरीब आदिवासियों को मिसगाइड करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। कानून-व्यवस्था खराब करनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें।
भाजपा सांसद-विधायकों के सुझावों पर अमल करें
सीएम ने अधिकारियों को चेताया कि भाजपा विधायक, सांसद और कार्यकर्ताओं की बातों को हवा में न उड़ायें। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है, झाविमो, झामुमो और कांग्रेस को नहीं। हम स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि सांसद, विधायक और कार्यकर्ता शासन-प्रशासन से कुछ कहते हैं, सुझाव देते हैं या जनहित में काम करने की बात कहते हैं, तो उनकी बातों का सम्मान होना चाहिए। हम सांसद, विधायक और कार्यकर्ताओं से यह नहीं सुनना चाहते कि अधिकारी ने हमारी जनहित की बात नहीं सुनी या उनका व्यवहार ठीक नहीं था। जिस अधिकारी के बारे में ऐसी शिकायत मिलेगी, सरकार जांच के बाद कड़ी कार्रवाई करेगी। भाजपा के सांसद, विधायक और कार्यकर्ता काफी जिम्मेदार हैं। वे अपनी जवाबदेही को समझते हैं। अधिकारी हर महीने उनसे बात करें और उनके सुझावों को तवज्जो दें। इससे समस्या के समाधान में मदद होगी।
थानेदार को हो एसपी का डर, कोई पैरवी न सुने पुलिस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि घटना घटित होने के बाद तय सीमा में मामले का उद्भेदन करें। मामले का उद्भेदन न हुआ, तो थानेदार पर कार्रवाई करें। एसपी का डर थानेदार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस थाना क्षेत्र से गायों की अवैध तस्करी होगी, वहां के थानेदार को सीधे डिसमिस किया जायेगा। सरकार ने एक्ट बना दिया है, उस पर एक्शन हर हाल में होना चाहिए। इसके साथ ही कानून कोई हाथ में न ले, इसे भी सुनिश्चित करें। जो कानून हाथ में ले, उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करें। किसी की पैरवी सुनने की जरूरत नहीं है। कुछ लोग गोकशी के नाम पर राज्य का अमन-चैन बिगाड़ने में लगे हुए हैं, उनके मंसूबे पूरे न हों। निर्दोष की हत्या हर हाल में रुकनी चाहिए।
जनता के साथ ठीक से पेश न आनेवाले थानेदार होंगे बर्खास्त
सीएम ने कहा कि डीआइजी सप्ताह में एक दिन किसी जिले का दौरा कर वहां अचानक किसी थाने का निरीक्षण भी करें। इसी प्रकार एसपी प्रतिदिन दो-दो थाने का औचक निरीक्षण करें। थाने में केस डायरी, अनुसंधान आदि की जानकारी लें। डीएसपी भी हर दिन दो-दो थाने का निरीक्षण करें। इससे नीचे स्तर पर काम में तेजी आयेगी। जो काम नहीं करेगा, उसे बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा। जो थानेदार काम में लापरवाही करे, जनता के साथ ठीक से पेश न आये, उसे तत्काल बर्खास्त करें। अकर्मण्य अधिकारियों को बख्शेंगे नहीं। इस सरकार ने काम करने की जितनी छूट अधिकारियों को दी है, किसी सरकार ने नहीं दी थी। इसका रिजल्ट दिखना चाहिए।