नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी की एक गोशाला में दो दिन में 36 गायों की मौत हो गई। मौत की वजह अभी पता नहीं चली है, लेकिन गोशाला के एक कर्मचारी ने बताया कि दो दिन से वाटर पंप खराब था। हमने यह बात गोशाला प्रबंधकों को बताई, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी। हम गायों को बचाने की जितनी कोशिश कर सकते थे की। लेकिन गायों को देखने कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। गोशाला छावला इलाके में स्थित है। दिल्ली सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
द्वारका के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एंटो अल्फोंसो ने बताया, उन्हें 12:30 बजे पता चला कि छावला इलाके के गुमानहेड़ा गांव स्थित गोशाला में 36 गायों की मौत हो गई है। इसके बाद ककरोला, गोयला डेयरी, नजफगढ़, ढिचियां कलां, छावला और नागली डेयरी के वेटेरनेरी डॉक्टरों की एक टीम गोशाला पहुंची। डॉक्टर मौत के कारणों की जांच कर रहे हैं। वे ही मृत गायों के शवों का पोस्टमार्टम भी करेंगे।
23 साल पहले बनी थी गोशाला: अल्फोंसो ने बताया, “डॉक्टरों के रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” गोशाला करीब 20 एकड़ इलाके में बनी हुई है। ट्रस्ट को 1995 में गोशाला के लिए जमीन आवंटित की गई थी। गोशाला में करीब1,400 गायें हैं। इनकी देखभाल के लिए 20 श्रमिकों को रखा गया है।