कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे की घटना
रांची : झारखंड की राजधानी में बिहार के एक परिवार के सात लोगों ने आत्महत्या कर ली है. कांके प्रखंड के अरसंडे में हुई इस घटना से पूरी राजधानी स्तब्ध है. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. रांची के एसएसपी अनीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मृतक का परिवार कर्ज में डूबा था. मृत लोगों में दो बच्चे हैं. इनमें एक बच्ची की उम्र 4-5 साल, जबकि बेटे की उम्र एक साल से कुछ ज्यादा है. कांके के थाना प्रभारी मौका-ए-वारदात पर पहुंच गये हैं और जांच शुरू कर दी है. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी का दल मकान में पहुंच गया है और जांच शुरू कर दी है. एसएसपी श्री गुप्ता ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या यह आत्महत्या का मामला दिख रहा है. फॉरेंसिक साइंस की टीम के आने के बाद पता चलेगा कि इनकी मौत कैसे हुई. हालांकि, एक व्यक्ति का शव फांसी के फंदे से लटका मिला. बाकी लोग बिस्तर पर पड़े थे. हालांकि, पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन हत्या की आशंका से भी इन्कार नहीं किया है. पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है. मकान मालिक ने बताया कि भागलपुर के रहने वाले दीपक झा और उसका परिवार कर्ज में डूबा था. कई महीने से उनका किराया भी नहीं दिया. परिवार की मौत का खुलासा तब हुआ, जब दीपक की बेटी को स्कूल ले जाने के लिए वैन आया. स्कूल वैन के चालक ने हॉर्न बजाया, तो कमरे से कोई बाहर नहीं आया. इस पर मकान मालिक के घर का बच्चा उसे बुलाने के लिए चला गया. उसने जो देखा, उसके बारे में परिवार के लोगों को बताया. लोगों ने खिड़की से देखा, तो वहां का मंजर देखकर सब सन्न रह गये. लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही कांके के थाना प्रभारी दल-बल के साथ वहां पहुंच गये. आर्मी से रिटायर मकान मालिक अलघ मिश्र ने बताया कि दीपक कोई फैक्ट्री लगाना चाहता था. उनसे भी कुछ कर्ज ले रखा था. उसके पिता रेलवे से रिटायर हुए थे. उन्होंने बताया कि दीपक और उसका परिवार कर्ज में डूबा था. पूरा परिवार चिंतित रहता था. रविवार की रात उनके बीच किसी तरह का झगड़ा नहीं हुआ, ऐसा पड़ोसी बताते हैं. दीपक अपने माता-पिता, पत्नी, दो बच्चों और छोटे भाई के साथ यहां रहता था. दीपक गोदरेज कंपनी में सेल्समैन का काम करता था. छोटे भाई रुपेश झा की शादी नहीं हुई थी. उसके पास कोई स्थायी नौकरी भी नहीं थी. हालांकि, वह प्राइवेट जॉब करता था. दीपक और रुपेश के शव फांसी के फंदे से लटके मिले हैं, जबकि बाकी लोगों के शव बिस्तर पर पड़े मिले. दीपक की पत्नी का नाम सोनी देवी और बेटी का नाम दृष्टि था. ज्ञात हो कि तंत्र-मंत्र के चक्कर में पड़कर नयी दिल्ली में एक ही परिवार के 11 लोगों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद झारखंड के हजारीबाग में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गयी थी. बताया गया था कि कर्ज में दबे इस परिवार ने सामूहिक रूप से आत्महत्या कर ली थी. हालांकि, जांच के दौरान हत्या की आशंका भी व्यक्त की गयी थी. इस मामले की जांच अब भी जारी है.