कांवरियों की सुविधा के लिए मंदिर के अंदर के अरघा के साथ-साथ निकास द्वार पर तीन बड़े अरघा लगाए गए हैं
देवघर.एक महीने तक चलने वाले श्रावणी मेले की शुरुआत शनिवार से हो गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास सुबह देवघर पहुंचे और बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। फिर मेले के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री दुम्मा पहुंचे। यहां विधिवत रूप से पूजा अर्चना कर रघुवर दास ने श्रावणी मेले का उद्घाटन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि भगवान शिव की नगरी देवघर में आज से पवित्र श्रावणी मेला का शुभारंभ हो रहा है। मान्यता है कि द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक देवघर स्थित मनोकामना लिंग के दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। देवतुल्य श्रद्धालुओं के लिए झारखंड सरकार ने विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
निकास द्वार पर लगाए गए तीन बड़े अरघा
कांवरियों की सुविधा के लिए मंदिर के अंदर के अरघा के साथ-साथ निकास द्वार पर तीन बड़े अरघा लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जल को पाइप के माध्यम से सीधे शिवलिंग तक पहुंचाया गया है। श्रद्धालु अरघा के पास लगी एलसीडी स्क्रीन पर पूरी जलार्पण विधि को देख सकेंगे। वहीं, कांवरिया पथ पर गर्मी से राहत देने के लिए खिजुरिया से दुम्मा के बीच 90 से अधिक इंद्र वर्षा बनाए गए हैं। इससे कांवरियों को धूप रहने पर ठंडक का अहसास होगा। मेले की सुरक्षा के लिए रैफ, एनडीआरएफ, जेजे, एसएसबी, एटीएस सहित बम निरोधक दस्ते के जवान तैनात रहेंगे।
श्रावणी मेला में रेलवे की तैयारी
– जसीडीह स्टेशन पर 30 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से इंटरनेशनल स्टैंड प्रीमियम लाउंज में आराम कर सकते हैं। अपर क्लास के यात्रियों के लिए एयर कंडीशनर वेटिंग रूप की व्यवस्था की गई है।
– जसीडीह और देवघर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के रुकने के लिए 15 नए एसी रूम बनाए गए हैं।
– यात्रियों की सुविधा के लिए रेट्रो रिफलेक्टिव इफेक्टस वाले नए बोर्ड भी लगाए गए हैं। यात्रियों की सहायता के लिए कई हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।
मेला क्षेत्र में प्रशासन की तैयारी
– चलंत व स्थायी दो हजार शौचालय की व्यवस्था की गई है।
– मंदिर परिसर सहित बाबा नगरी में एलईडी स्क्रीन के जरिए कांवरियों को सूचनाएं दी जाएंगी।
– बाघमारा कोठिया में एक हजार एवं जसीडीह में पांच हजार की क्षमता वाले निःशुल्क टैंट सिटी बनाए गए हैं।
– मंदिर परिसर में सारी गतिविधि पर नजर रखने के लिए 62 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
– पूरे मेला क्षेत्र में 267 सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं जिससे सभी जगहों की निगरानी की जा सकेगी।
– भीड़ के नियंत्रण को लेकर दो हजार पुलिस पदाधिकारी एवं दस हजार बल की तैनाती की गई है।
– मेला क्षेत्र को 18 अस्थायी ओपी एवं 11 यातायात ओपी में बांटा गया है। सभी में ओपी प्रभारी मुस्तैद रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
– कांवरियों के लिए 100 डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी की प्रति नियुक्ति की गई है।
– बाबा मंदिर के वीआईपी गेट के बाहर बने सुविधा केंद्र में ट्रामा सेंटर बनाया गया।
– शहर के आम नागरिक एवं दर्जनों स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा भी निःशुल्क सेवा शिविर खोला गया है।
पहली बार गर्भगृह के पास श्रद्धालुओं की गिनती के लिए लगी हेड काउंटिंग मशीन
इस बार कांवरियों के लिए प्रशासन द्वारा कुछ नया किया गया है। कांवरियों की सही गिनती के लिए बाबा मंदिर के गर्भगृह के पास हेड काउंटिंग मशीन लगाई गई। इसकी मदद से कांवरियों की सही संख्या का आंकड़ा मिल सकेगा। इसके साथ ही पक्की सड़क पर कांवरियों को राहत देने के लिए सड़क के उपर कूल पैंट लगाया गया है, जिस पर चलने से कांवरियों के पैर में गर्मी का अहसास नहीं होगा। मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग के लिए इस बार मानसरोवर के क्यू काम्पलेक्स में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम बनाया गया।
मुख्यमंत्री का ट्वीट, लिखा- झारखंड सरकार की कोशिश भक्तों को न हो परेशानी
मुख्यमंत्री ने ट्वीट में लिखा कि बाबा धाम देवघर आए सभी देवतुल्य श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। मैं सभी देशवासियों से देवघर आने की अपील करता हूं कि वो यहां आएं और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिग पर जलार्पण कर पुण्य के भागी बनें। देवतुल्य श्रद्धालु जब बाबा बैद्यनाथ को जल चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं तो उनके मन में बस एक ही आस रहती है कि वो भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना पूर्ण करें। झारखंड सरकार की कोशिश है कि भक्तजनों को दर्शन में कोई परेशानी न हो।
परेशानी होने पर यहां करें ट्वीट
श्रावणी मेला पूर्णतः श्रद्धालुओं के डोमेन में रहेगा। इन्हें कोई भी परेशानी होने पर @dasraghubar पर ट्वीट कर सकते हैं, जिसका तुरंत समाधान किया जाएगा।