PM उम्मीदवारी को लेकर की चर्चा
नयी दिल्ली। 2019 के आम चुनाव से पहले विपक्षी दलों की एकजुटता की असली परीक्षा शुरू हो चुकी है। विपक्ष अपनी पूरी शक्ति समेटकर मोदी सरकार को चुनौती देने के लिए एकजुट हो रहा है। लेकिन सभी दलों की आम राय होना एक चुनौती है। इसी बीच विपक्षी दलों में बड़ी भागीदारी रखने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। जिस दौरान दोनों ने भाजपा से मुकाबला करने के लिए विपक्षी पार्टियों से त्याग करने की अपील की।
भाजपा विरोधी पार्टियां आएं एक साथ: ममता
ममता ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव के लिए बन रहे संभावित गठबंधन से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए। साथ ही ये नाम अभी तय नहीं किया जाना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो क्षेत्रीय पार्टियों की एकता विभाजित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी क्षेत्रीय पार्टियों को साथ आना चाहिए और देश के हित में कुर्बानी देनी चाहिए।
दीदी को ले जाएंगे दिल्ली: उमर अब्दुल्ला
वहीं ममता से मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम इन्हें दिल्ली ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम ममता को राष्ट्रीय राजधानी में ले जाएंगे ताकि वे पूरे देश के लिए बंगाल में किए गए काम को दोहरा सकें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस समय विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुनना जल्दबाजी होगी। हमारा मकसद है कि सभी क्षेत्रीय पार्टियां साथ आएं और भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें।