नई दिल्ली। संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को झप्पी देना हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं अब राहुल गांधी के करीबी सूत्रों ने बताया कि फरवरी में संसद में पीएम मोदी के भाषण के दौरान से ही इसकी योजना बन गई थी।

सूत्रों के मुताबिक राहुल को यह विचार उस समय आया जब जब पीएम मोदी फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में बोल रहे थे।’ उस दौरान मोदी ने कांग्रेस पर एक परिवार के लिए काम करने का आरोप लगाया था। सूत्रों ने बताया, ‘मोदी ने जब जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी समेत सभी की आलोचना की तो राहुल आया कि वह काफी गुस्से में हैं उन्हें एक झप्पी की जरूरत है।’ पार्टी नेता ने बताया, ‘राहुल के इस कदम का मकसद यह बताना था कि विपरीत विचारधारा के बावजूद एक-दूसरे के साथ बगैर नफरत के रहा जा सकता है। राहुल के इस कदम से उनकी खुद की पार्टी के नेता हैरान रह गए थे। हालांकि भाषण के बाद राहुल का विंक (आंख मारना) किसी योजना का पार्ट नहीं था।

राहुल ने दी थी मोदी को जादू की झप्पी
आपको बतां दे कि संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में बोलते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कई बार निशाना साधा। इसके साथ ही सदन में राहुल गांधी ने कुछ ऐसा किया, उस क्षण को जिसने देखा, उसके जहन में वह पल कैद हो गया। दरअसल अपने भाषण के दौरान लगातार पीएम मोदी के खिलाफ हमलावर तेवर अपनाने वाले राहुल गांधी अपना भाषण समाप्‍त करने के बाद अचानक उस तरफ बढ़े, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठे थे। संसद के सदस्‍य देखते रह गए और फिर वह प्रधानमंत्री के गले जा लगे। इसके बाद जब वह लौटने लगे तो प्रधानमंत्री ने उन्‍हें बुलाया और हाथ मिलाकर उनकी पीठ भी थपथपाई।

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