मप्र विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर की नियुक्ति होनी है। प्रोटेम स्पीकम जगदीश देवड़ा के मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा को विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। वहीं अब कांग्रेस ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं और नियुक्ति को अवैधानिक बताया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जेपी धनौपिया ने रामेश्वर शर्मा के प्रोटेम स्पीकर पद पर नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रविवार को अपने बयान में कहा है कि प्रदेश में भाजपा द्वारा सभी लोकतांत्रिक परम्पराओं को दर किनार किया जा रहा है, क्योंकि प्रोटेम स्पीकर उस विधायक को बनाया जाता है जो वरिष्ठ हो और पिछले पाँच साल के कार्यकाल में स्पीकर की पेनल में उसने काम किया हो।
उन्होंने कहा कि रामेश्वर शर्मा इस मापदंड में कहीं नहीं हैं, ऐसे में उनकी नियुक्ति अवैध है जिसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिये। उन्होंने जगदीश देवड़ को मंत्री पद पर नियुक्त किए जाने को भी गलत बताते हुए कहा कि इसी तरह जगदीश देवडा की मंत्री पद पर नियुक्ति भी सरासर ग़लत है क्योंकि प्रोटेम स्पीकर की किसी अन्य पद पर नियुक्ति हो ही नहीं सकती जबकि देवड़ा ने 2 जुलाई को सुबह 11 बजे मंत्रिपद की शपथ ले ली और शाम को 4 बजे प्रोटेम स्पीकर के पद से त्यागपत्र दिया है। जेपी धनौपिया ने कहा कि इस घटना क्रम की सर्व दलीय कमेटी गठित कर जाँच कराना चाहिये और तत्काल मंत्रिपद से हटाना चाहिये। जिससे प्रदेश में लोकतंत्र की रक्षा हो सके।
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