अमेरिका : दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। परमाणु हथियारों से लैस दोनों ही देशों की सेनाएं इस इलाके में जोरदार युद्धाभ्‍यास कर रही हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच संघर्ष भड़कने की आशंका मंडराने लगी है। इस बीच चीन के किसी भी दुस्‍साहस से निपटने के लिए अमेरिका अब ड्रैगन की चौतरफा घेरेबंदी में जुट गया है। चीन के किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए अमेरिका द्वितीय विश्‍वयुद्ध के समय के अपने एक नौसैनिक ठिकाने के आधुनिकीकरण में जुट गया है।

चीन के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका अब अपने द्वितीय विश्‍वयुद्ध के समय के नौसैनिक अड्डे को आधुनिक बनाने में जुट गया है। अमेरिका प्रशांत महासागर में स्थित अपने वेक द्वीप पर बने नेवल बेस को आधुनिक बनाने में जुट गया है। यह द्वीप अमेरिका के हवाई और जापान के बीच में स्थित है। अमेरिका अपने गुआम में बने नेवल बेस और वेक द्वीप पर बने नेवल बेस से चीन और उत्‍तर कोरिया की हर हरकत पर नजर रख सकेगा। द्वितीय विश्‍व युद्ध के समय वेक द्वीप समूह जापान और अमेरिका के बीच भीषण युद्ध का गवाह बना था।

यह प्रशांत महासागर में अमेरिका की एक रणनीतिक पोस्‍ट है जहां नौसैनिक आराम करते हैं और तेल तथा रिपेयर कराते हैं। हवाई न्‍यूज सर्विस केआईटीवी4 की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका वेक द्वीप के अड्डे को आधुनिक बनाने के लिए जोरशोर से गतिविधियां चला रहा है। यहां पर अमेरिकी वायुसेना के लिए आधारभूत ढांचे बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह अमेरिकी नेवल बेस चीन और उत्‍तर कोरिया के मध्‍यम दूरी की मिसाइलों की रेंज में नहीं आता है। इस द्वीप पर तीन किमी लंबा रनवे है। यहां पर लड़ाकू विमान आसानी से उतर सकते हैं। इस पूरे अड्डे को अब आधुनिक रूप दिया जा रहा है।

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