महाराष्ट्र के सियासी संकट पर 21 दिन बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। विधायकों की अयोग्यता को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआइ एनवी रमना ने कहा कि फिलहाल विधानसभा स्पीकर इस पर फैसला नहीं लें। अदालत का फैसला आने तक यह कार्यवाही रुकी रहेगी। कोर्ट मामले की तुरंत सुनवाई नहीं कर सकती है, इसके लिए बेंच गठित की जाएगी। कोर्ट ने राज्यपाल की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल से कहा कि नवनियुक्त विधानसभा अध्यक्ष तक यह सूचना पहुंचा दें। महाराष्ट्र विधानसभा के प्रधान सचिव राजेंद्र भागवत ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया था कि 3 जुलाई को राहुल नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है। अब उन्हें विधायकों की अयोग्यता का मामला देखना है। ऐसे में डिप्टी स्पीकर की तरफ से भेजे नोटिस को चुनौती देने वाली विधायकों की याचिका का कोर्ट निपटारा कर दे और नये स्पीकर को अयोग्यता पर फैसला करने दें। उधर, महाराष्ट्र में उद्धव सरकार के इस्तीफे के बाद अब शिवसेना किसकी पर लड़ाई शुरू हो गयी है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग में कैविएट फाइल की है। उन्होंने आयोग से अपील कि है कि अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के चुनाव चिन्ह के लिए आते हैं तो हमारी बात सुने बिना कोई फैसला न लिया जाए।