भोपाल। राष्ट्रपति के चुनाव में संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में पैसे देकर विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। मध्यप्रदेश कांग्रेस के 28 आदिवासी विधायकों पर भाजपा की नजर है। सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करो, धन-बल का प्रयोग करो वाली भाजपा की नीति के खिलाफ हमारी लड़ाई है। पहले शिवसेना को तोड़ दिया, सरकार गिरा दी और उन्हें फोर्स किया कि हमारे उम्मीदवार का समर्थन करो।
यशवंत सिन्हा गुरुवार को भोपाल में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज मैं बहुत दुखी हूं। विधायक ने बैठक में बताया कि उनके पास फोन आ रहे हैं। प्रलोभन दिया जा रहा है कि इतने पैसे ले लो और वोट हमारे प्रत्याशी के पक्ष में दे दो। मैंने अभी तक सुना था कि विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है, पर भोपाल में इसका प्रमाण मिल गया। कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैं चुनाव में खड़ा हो जाऊंगा। इससे भाजपा डर गई है, इसलिए विधायकों की खरीद फरोख्त का रास्ता अपनाया है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में चुनी हुई सरकार को गिरा दिया गया। गोवा में कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने का प्रयास हुआ। लोकतंत्र में इससे बड़ा अपराध नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रलोभन दिए जाने का मामला गंभीर है। निर्वाचन आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में औपचारिक शिकायत भी आयोग के समक्ष दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर आदिवासियों की इतनी ही फ्रिक है तो द्रोपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति से बेहतर होगा देश का प्रधानमंत्री बना देना चाहिए।
राष्ट्रपति उम्मीदवार सिन्हा ने डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरती कीमतों को लेकर केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब डॉलर की कीमत 58.44 रुपये थी, जो आज बढ़कर 79.86 रुपये हो गई है। भारतीय मुद्रा की कीमत इससे ज्यादा कभी नहीं गिरी। इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रही है। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत कम होने पर मोदी स्वयं सवाल पूछते थे। अब प्रधानमंत्री मोदी या फिर केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। सिन्हा ने कहा कि जब भाजपा मुझे हारा हुआ प्रत्याशी बता चुकी है तो फिर इस तरह के हथकंडे क्यों अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव को देश के भविष्य का चुनाव बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई हमें लड़नी है।
दरअसल, विपक्ष के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा गुरुवार को भोपाल प्रवास पर थे। वे यहां 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि उन्हें भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए 50 लाख रुपये की पेशकश की गई है। वहीं विधायक पांचीलाल मेड़ा ने भी कहा कि उन्हें मंत्री पद का प्रस्ताव दिया गया है।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा, कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। हमारे एक विधायक को एक करोड़ का ऑफर मिला है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी लाइन पर ही मतदान करेंगे। हमें अपने सभी विधायकों पर पूरा भरोसा है।