रांची। अवैध खनन से जुड़े मनी लांड्रिंग केस में ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में मंगलवार को ईडी के गवाह विनोद जायसवाल का बयान कोर्ट के समक्ष दर्ज करवाया गया।
विनोद जायसवाल साहिबगंज जिले के खनन व्यवसायी हैं। उन्होंने अपनी गवाही में कोर्ट को बताया कि उन्हें क्रशर का लाइसेंस मिला जरूर था लेकिन उनका क्रशर पंकज मिश्रा ने जबरदस्ती ले लिया और उसे पंकज मिश्रा के लोग ही चलाते थे। क्रशर चलाने के एवज में चार लाख रुपये गैरकानूनी तरीके से लिए जाते थे, जिसमें से दो लाख रुपये पंकज मिश्रा को दिया जाता था।
रोजाना साहिबगंज जिले से करीब 1500 ट्रक पत्थर दूसरे राज्यों और अन्य जिलों में भेजा जाता था। इसके लिए ट्रक वालों से पैसे लिए जाते थे। इस पैसे में भी पंकज मिश्रा को कमीशन मिलता था।। ईडी की ओर से गवाही पूरी होने के बाद अब बुधवार को विनोद जायसवाल से बचाव पक्ष यानी पंकज मिश्रा की ओर से क्रॉस एग्जामिनेशन (प्रतिप्रेक्षण) किया जाएगा।
गवाही के दौरान ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक आतिश कुमार और पंकज मिश्रा की ओर से अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा मौजूद थे।