रांची। सहायक पुलिस के जवानों का आंदोलन फिर से शुरू हो गया है। सोमवार को राज्य भर में सहायक पुलिस के जवान सामूहिक अवकाश पर रहे और मंगलवार को रांची में जमा होंगे। मंगलवार को सहायक पुलिस के जवान रांची में मुख्यमंत्री आवास पर धरना और प्रदर्शन करेंगे। इसको लेकर रविवार को सभी जवान अपने-अपने जिला मुख्यालय में जमा हुए और आंदोलन की रणनीति तय की। सहायक पुलिस के जवानों का कहना है कि वे लोग पिछले सात वर्षों से 10 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। 10 हजार रुपये में परिवार का पालन पोषण करना बेहद ही मुश्किल है।
झारखंड में पुलिस जवानों की कमी है। मांग है कि उनकी सेवा को पुलिस सेवा में समायोजित किया जाये। बताया कि सेवा को समायोजित करने की मांग को लेकर आंदोलन की शुरूआत कर रहे हैं। बता दें कि साल 2017 में झारखंड के नक्सल प्रभावित 12 जिलों में सहायक पुलिस के जवानों की संविदा के आधार पर नियुक्ति हुई थी। पूरे राज्य में 2500 के करीब जवानों को नियुक्त की गयी थी। सहायक पुलिस के जवान का अनुबंध प्रत्येक वर्ष बढ़ाया जाता है। संबंधित रेंज के डीआइजी सहायक पुलिस के जवानों कार्यों की समीक्षा करने के बाद अनुबंध को बढ़ाते हैं। सहायक पुलिस के जवान पिछले कई सालों से आंदोलन कर रहे हैं।