पिपरवार (चतरा)। झारखंड के पिपरवार में 4 साल पुराने जमीन विवाद की वजह से गांधी के अनुयायी टाना भगत हिंसक हो गए। शुक्रवार (12 जुलाई) को दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में 19 लोग घायल हो गए।

कल्याणपुर व कारो गांव की सीमा पर जमीन विवाद हुआ हिंसक
मामला रांची-चतरा सीमा पर स्थित पिपरवार थाना क्षेत्र का है। कल्याणपुर व कारो गांव के सीमांत क्षेत्र में सुबह शुरू हुए जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों की ओर से मारपीट में सरिया, लाठी, कुल्हाड़ी, सावेल, कुदाल, गुलेल आदि का जमकर इस्तेमाल हुआ। किसी का सिर फट गया, तो किसी के हाथ-पैर में चोट लगी है।

पिपरवार पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया
सूचना मिलने पर पिपरवार पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। गंभीर रूप से घायल हुए राजेश्वर टाना भगत, अर्जुन टाना भगत, प्रदीप टाना भगत, संतोष टाना भगत, प्रधान टाना भगत, अशोक टाना भगत, सुबोध टाना भगत, नरेश टाना भगत, रविकांत टाना भगत, मंगनी टाना भगत, छोटू उरांव, रामेश्वर उरांव, प्रमिला देवी, घरमतिया उरांव, विनोद उरांव, कौलेश्वर उरांव, बिलेंद्र उरांव, फुकला उरांव, अनिल उरांव व वीणा देवी का नाम शामिल है।

54.25 एकड़ गैरमजरुआ जमीन का है 4 साल पुराना विवाद
टाना भगतों की डगडगिया टोला के रहने वालों के साथ कुल 54 एकड़ 25 डिसमिल गैरमजरुआ जमीन को लेकर 4 वर्ष पुराना विवाद है। टाना भगत उस जमीन पर वर्षों से खेती कर रहे थे। विवाद के बाद तीन वर्षों तक जमीन परती रही। इस बार कल्याणपुर के टाना भगतों जैसी ही ट्रैक्टर से खेत की जुताई प्रारंभ की थोड़ी देर बार विरोधी पक्ष समूह बनाकर वहां पहुंच गये।

वाद-विवाद ने ले लिया मारपीट का रूप
देखते ही देखते वाद-विवाद से बढ़कर मामला मारपीट तक पहुंच गई। टाना भगतों का आरोप है कि कारो गांव के वे लोग भी मारपीट में शामिल थे, जिनकी वहां पर जमीन नहीं है। दूसरे पक्ष का कहना है कि टाना भगतों ने पहले उन पर हमला किया। फिलहाल पिपरवार पुलिस दोनों पक्षों का बयान लेकर मामला दर्ज करने की तैयारी में है।

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