नवादा। नवादा का सदर अस्पताल इन दिनों कुव्यवस्था के कारण यहां भर्ती गरीब मरीज तड़प रहे है। वही स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष बने नवादा के डीएम आशुतोष कुमार वर्मा इन कारनामो के मूकदर्शक बनकर अपनी नौकरी की घड़ियां गिन रहे है। मंत्री से लेकर विधायक ने भी इस अस्पताल का दौरा किया है लेकिन कुव्यवस्था जस के तस है।

लाइन की बेहतर व्यवस्था नहीं रहने से मरीज गर्मी से त्राहिमाम है। चलते पंखा में हवा नाम की चीज नहीं है। मरीज के परिजन अपने घर से ही पंख लेकर आते हैं और मरीज को हाथ वाले पंख का सहारा लेते हैं। सदर अस्पताल लूट का अड्डा बन गश्स है, जिसमें जिले के आला अधिकारियों की भी हिस्सेदारी है।

कथित तौर पर विकास के नाम पर बड़े-बड़े लूट की जा रही है लेकिन इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है।

स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात करने वाले मंत्रियाें का दावा फेल हाे रहा है। नवादा की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यहां पर कोई भी किसी का सुनने वाला नहीं हैं। पानी की समस्या, बेड पर गंदा चादरा, अस्पताल की बेड पूरी तरह फटी हुई। ऐसे तमाम समस्या से लोग परेशान हैं।

इमरजेंसी वार्ड को पूरी तरह दवाई की कार्टन से भर दिया गया है। ऐसा लगता है कि यह स्टोर बना दिया गया है। सर्जिकल वार्ड में बेड टूट गया है लेकिन वह बेड को बदला नहीं गया है। इमरजेंसी वार्ड में पूरी तरह बेड फट गया है। उसी बेड पर मरीज का इलाज हो रहा है। जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है ।आलम तो यह है कि अस्पताल में 20 मिनट भी सर्जिकल वार्ड में मंत्री भी खड़ा नहीं हो पाए और पसीना छूटने लगा । अस्पताल की कोने-कोने में समस्या ही समस्या है लेकिन इसका हल नहीं हो रहा।

जिले के समाजसेवियों ने नवादा के जिलाधिकारी को अस्पताल की समस्याओं से अवगत कराया लेकिन वे भी शान पद की हनक में इन गरीबों के दर्द से मरहूम होकर चैन की जिंदगी जीने में मस्त है। आज तक कोई भी डीएम इतना असंवेदनशील नहीं दिखा, जिन्हें गरीब मरीजों की चिंता भी नहीं रही।

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