नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्थापना दिवस पर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसको राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि ‘ज्ञान-शील-एकता’ के मंत्र के साथ एबीवीपी ने विद्यार्थियों के अंतस में राष्ट्रीयता की ज्योति प्रज्वलित की है और यह संगठन निरंतर राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के पावन कार्य में जुटा हुआ है। एबीवीपी न केवल एक छात्र संगठन है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की चेतना जागृत करने वाला एक सशक्त मंच है।

सोनोवाल ने एबीवीपी के कार्यों को भारत के भविष्य को संवारने वाला बताते हुए इसके कार्यकर्ताओं को राष्ट्रभक्ति का प्रतीक कहा। उन्होंने कहा कि यह संगठन शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रहा है। उल्लेखनीय है कि एबीवीपी की स्थापना 9 जुलाई, 1949 को बलराज मधोक की अगुवाई में हुई थी। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसरों में ज्ञान, शील और एकता को बढ़ावा देना तथा छात्र-शिक्षक संबंधों को मजबूत करना रहा है। मंत्री सोनोवाल ने उम्मीद जताई कि एबीवीपी आने वाले वर्षों में भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक भूमिका निभाता रहेगा।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version