पलामू: मेदिनीनगर शहर के शहर थाना क्षेत्र स्थित कोयल नदी किनारे शिवाला घाट के पास बुधवार रात हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना में तीन युवकों को गोली लगी, जबकि मौके पर मौजूद तीन से चार अन्य युवक बाल-बाल बच गए। घायल दो युवकों को तत्काल इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीसरे घायल का इलाज कहां चल रहा है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
घायलों की पहचान मेदिनीनगर के शास्त्री नगर (भट्ठी मोहल्ला) निवासी 18 वर्षीय दिनेश कुमार, 25 वर्षीय निखिल कुमार और चैनपुर निवासी 20 वर्षीय प्रकाश कुमार के रूप में हुई है। दिनेश के पेट में, निखिल के कमर और बांह में तथा प्रकाश के हाथ में गोली लगी है। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों भर्ती युवकों का इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, रात करीब 8:40 बजे शिवाला घाट के पास आधा दर्जन से अधिक युवक बैठे हुए थे। इसी दौरान पांच से छह युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सभी हमलावर हथियारों से लैस बताए जा रहे हैं। गोलीबारी शुरू होते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने के लिए युवक इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान तीन युवक गोलियों की चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ चिरंजीव मंडल पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। मौके पर एसआई श्रीराम शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और फायरिंग करने वाले आरोपितों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
प्रारंभिक जांच में घटना का कारण आपसी रंजिश माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। हाल के दिनों में पलामू जिले में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा घटना के बाद मेदिनीनगर शहर में दहशत का माहौल है।
गौरतलब है कि इसी घटना से करीब तीन घंटे पहले चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बंदूवा गांव में एक युवती के अपहरण के प्रयास के दौरान भी अपराधियों ने गोलीबारी और चाकूबाजी की थी। उस हमले में युवती के पिता सुलेमान मियां, मां शाहिना बीवी और भाई मकबूल मियां गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के लिए रांची ले जाने के दौरान मकबूल मियां की मौत हो गई। लगातार हो रही इन घटनाओं ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



