बहरागोड़ा। पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड की बहुलिया पंचायत स्थित रंगुनिया गांव के समीप स्वर्णरेखा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बह गया। पुल के बह जाने से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच इस मार्ग से होने वाला आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल टूटने के बाद रंगुनिया, भागाकुली, पंचाण्डो और चित्रेश्वर सहित कई गांवों के लोगों को पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लवपुर पहुंचने के लिए अब पहले की 13 किलोमीटर की दूरी के बजाय बहरागोड़ा और फेंकोघाट होकर करीब 40 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
इसका सबसे अधिक असर स्थानीय छोटे कारोबारियों पर पड़ा है, जो प्रतिदिन सब्जियां और अन्य सामान लेकर बाजार जाते हैं। लंबा रास्ता अपनाने से उनका परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तोपसिया अस्पताल पहुंचाने में भी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल निर्माण समिति ने बताया है कि दीपावली के बाद नदी का जलस्तर सामान्य होने पर दोबारा अस्थायी पुल और संपर्क सड़क का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यह समस्या उत्पन्न होती है। उन्होंने प्रशासन से इस स्थान पर स्थायी और पक्का पुल बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।



