रांची: विधानसभा में धर्मांतरण बिल पास होने पर सरना समाज में हर्ष का माहौल है। सरना समाज के विभिन्न संगठनों ने जुलूस निकाला, अबीर गुलाल उड़ाये, मिठाइयां बांटी और अल्बर्ट एक्का चौक पर सीएम रघुवर दास का जोरदार स्वागत किया। वहीं, भाजपा और हिंदू संगठनों ने भी सीएम का आभार जताया और जमकर खुशियां मनायीं।
केंद्रीय सरना समिति:
केंद्रीय सरना समिति ने अल्बर्ट एक्का चौक पर जश्न मनाया। पारंपरिक ढोल और नगाड़े के साथ जुलूस निकाला गया। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलायी। अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना आदिवासी समुदाय में हर्ष का माहौल है। जुलूस में शामिल लोगों ने आतिशबाजी की। अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना आदिवासियों के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और कार्तिक उरांव का सपना आज साकार हो गया। उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए समिति दोहरा लाभ एवं सरना कोड के लिए दूसरी लड़ाई जारी रखेगी।
झारखंड आदिवासी विकास समिति
झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति धुर्वा के अध्यक्ष मेधा उरांव ने कहा कि अब धर्मांतरण पर रोक लगेगी। रघुवर सरकार ने आदिवासियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। अब समिति दोहरे लाभ के खिलाफ और सरना कोड की मांग को लेकर लड़ाई लड़ेगी। कार्यक्रम में संजय तिर्की, सरपंच सोमा उरांव, शोभा कच्छप, नीरा टोप्पो, संदीप उरांव, नरेश पाहन, जगलाल पाहन, विश्वास उरांव समेत अन्य शामिल थे।
आदिवासी लोहरा समाज
आदिवासी लोहरा समाज के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश लोहरा एवं उपाध्यक्ष अशोक लोहरा ने धर्मांतरण बिल पारित होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे लोहरा जनजाति की धर्म-संस्कृति की रक्षा होगी। इससे उन्हें एक सुरक्षा कवच मिला है। उन्होंने मांग की कि लोहरा जनजाति में भी सनातन परंपराएं सरना समाज की तरह ही निभायी जाती हैं। इसलिए उन्हें एसटी के दर्जे से वंचित ना करें।