ग्लासगो में सोमवार से शुरू हो रही विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत की उम्मीदें स्टार पुरुष खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत और इस चैंपियनशिप में दो बार कांस्य जीत चुकीं महिला खिलाड़ी पी.वी. सिंधु पर होंगी. भारत के ये दोनों खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में हैं और इस कारण दोनों पदक जीतकर एक नया इतिहास रच सकते हैं. उल्लेखनीय है कि भारत के किसी भी बैडमिंटन खिलाड़ी ने अब तक विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण नही जीता है.

सिंधु ने 2013 और 2014 में कांस्य जीता था लेकिन पुरुष वर्ग में कोई खिलाड़ी पदक तक नहीं पहुंच सका है. श्रीकांत ने इस साल दो लगातार सुपर सीरीज खिताब जीते हैं और इस लिहाज से वह पदक तक पहुंच सकते हैं. पिछले साल दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले श्रीकांत ने इस साल इंडोनेशिया ओपन और आस्ट्रेलिया ओपन में खिताबी जीत हासिल करने के साथ इतिहास रचा. वे इन दोनों टूर्नामेंटों में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी हैं.

विश्व चैंपियनशिप में खिताबी जीत हासिल करने के बारे में आईएएनएस को दिए एक बयान में श्रीकांत ने कहा, “मैं इस समय खिताबी जीत के बारे में नहीं सोच रहा हूं और हमेशा की तरह कदम-दर-कदम आगे बढ़ने की रणनीति से ही मैदान पर उतरुंगा.” बकौल श्रीकांत, “जहां तक मुझ पर निगाहें टिकने की बात है, तो मैं पूरी कोशिश करूंगा. हालांकि, इस टूर्नामेंट में कई अन्य भारतीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं, जो मेरे समान ही जीतने में सक्षम हैं. इसलिए, मैं यह नहीं मान सकता कि मैं अपने देश की एकमात्र उम्मीद हूं.”

श्रीकांत का कहना था कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करने हेतु ही आस्ट्रेलिया ओपन के बाद खेले गए अमेरिकी और न्यूजीलैंड ओपन में हिस्सा नहीं लिया था. पुरुष एकल वर्ग में श्रीकांत के अलावा समीर वर्मा, अजय जयराम और बी. साई प्रणीत भी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

महिला एक वर्ग में रियो ओलिम्पिक की रजत पदक विजेता सिंधु के साथ-साथ सायना नेहवाल, रितुपर्णा दास और तन्वी लाड भी मैदान में उतरेंगी. सायना और सिंधु को पहले दौर में बाय मिला है और इस कारण वह सीधै तौर पर दूसरे दौर में प्रवेश कर चुकी हैं. भारतीय खिलाड़ियों के लिए हालांकि, जीत की राह आसान नहीं होगी, क्योंकि इस टूर्नामेंट में शीर्ष स्तरीय खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं.

पुरुष एकल वर्ग में 2014 और 2015 मे विश्व चैंपियन बन चुके चीनी खिलाड़ी चेन लोंग और उनके हमवतन लिन डान (2011 और 2013) भी कोर्ट में मौजूद हैं. इसके अलावा शीर्ष विश्व वरीयता प्राप्त सोन वान हो भी इस चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के लिए कड़ी चुनौती प्रस्तुत करेंगे.

महिला एकल वर्ग की बात की जाए, तो 2014 और 2015 में खिताबी जीत हासिल करने वाली स्पेन की स्टार खिलाड़ी और रियो ओलम्पिक में सिंधु को मात देकर सोना जीतने वाली कैरोलिना मारिन भी बाय हासिल कर सीधे दूसरे दौर में प्रवेश कर चुकी हैं. मारिन इस चैंपियनशिप में हैट्रिक के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

इसके अलावा, 2013 की विश्व चैंपियन और थाईलैंड की खिलाड़ी रत्चानोक इंतानोन भी मैदान में हैं. मिश्रित युगल वर्ग में प्रणव जैरी चोपड़ा और एन. सिक्की रेड्डी को बाय मिला है और उन्होने सीधे तौर पर दूसरे दौर में प्रवेश किया है. इसके अलावा, सात्विकसाईराज रेड्डी-के. मनीषा, प्राजक्ता सावंत-योगेंद्रा कृष्णन, बी. सुमित रेड्डी-अश्विनी पोनप्पा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी.

पुरुष युगल वर्ग में बी. सुमित रेड्डी- मुन अत्री, एम.आर. अर्जुन-रामचंद्रन श्लोक, सात्विकसाईराज रेड्डी-चिराग शेट्टी भारतीय चुनौती पेश करेंगे, वहीं महिला वर्ग में अश्विनी पोनप्पा-एन सिक्की रेड्डी, जाकमपुड्डी मेघना-एस. पूर्विशा राम, संजना संतोष-अ?ाथी सारा सुनील भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी.

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