पाकुड़। पाकुड़ के महेशपुर में उपद्रवियों और पुलिस के बीच हुई फायरिंग मामले में डीसी-एसपी ने गृह विभाग और डीजीपी को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में है कि महेशपुर के एक प्राथमिक विद्यालय के परिसर में प्रतिबंधित पशुओं की हत्या की जा रही थी। इसकी सूचना पर महेशपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी और इंस्पेक्टर दल-बल के साथ सूचना के सत्यापन के लिए पहुंचे।
वहां देखा कि 11.15 बजे पशु की गला रेतकर हत्या की जा रही है। छापेमारी के दौरान लोगों ने एकजुट होकर पुलिस पर हरवे-हथियार, ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इससे दो पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग घायल हो गये। इसके बाद पाकुड़ डीसी-एसपी पाकुड़ थाने में दंडाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग कर रहे थे, तभी आसपास के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर के जरिये हिन्दुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये जाने लगे। लोगों को एकजुट होने के लिए कहा गया। साथ ही यह भी कहा गया कि डांगापाड़ा गांव में पुलिस की कार्रवाई का बदला लेने महेशपुर थाना पहुंचें। पश्चिम बंगाल और मुरारोई की तरफ से एक गुट के लोग महेशपुर थाना पहुंच कर थाना जलाने की घटना को दोहराना चाहते थे। लोग बड़ी तादाद में पाकिस्तानी झंडे के साथ जमा हो गये। वे लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।