कोडरमा। भाकपा माले जिला कमेटी द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विभिन्न जनमुद्दों को लेकर सोमवार को समाहरणालय परिसर में आयोजित जेल भरो आंदोलन के तहत राजधनवार विधायक राजकुमार यादव, वरीय नेता रामधन यादव, श्यामदेव यादव, मोहन दत्ता, प्रेम प्रकाश समेत लगभग 165 नेताओं कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एसडीओ को सौंपा गया। इसके पूर्व जुलूस निकाली गयी जो समाहरणालय पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी। इसकी अध्यक्षता पार्टी जिला सचिव मोहन दत्ता ने की। सभा को सम्बोधित करते हुए माले विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि बदहाल केंद्रीय हॉस्पिटल को चालू कराने की पार्टी ने साल 2016 में पहल की थी। उन्होंने कहा कि कोडरमा की पहचान यहां के क्रशर, माइका, ढिबरा से रही है, जिससे हजारों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है लेकिन इसे छिनने की साजिश की जा रही है। विधायक ने कहा कि भाजपा गरीबों के बजाय पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सदर हॉस्पिटल सबसे बदतर स्थिति में है। डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सुविधा लोगों को नहीं मिल रही। विधायक के मुताबिक गरीबों की जमीन लूटी जा रही है, आदिवासी, दलित, गरीब पर हमले किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी हटाओ-देश बचाओ को लेकर 8 अक्तूबर को ब्लॉक मैदान झुमरीतिलैया में रैली होगी, जिसमें हजारों लोग हिस्सा लेंगे। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा सांसद को उखाडने का आह्वान किया। विधायक श्री यादव ने कहा की भाकपा माले ही भाजपा का विकल्प है। सभा को एपवा की नीलम शाहाबादी, सविता सिंह, श्यामदेव यादव समेत अन्य नेताओं ने संबोधित किया। मौके पर संदीप कुमार, राजकुमार पासवान, राजेंद्र मेहता, अजय पांडेय समेत काफी संख्या में नेता कार्यकर्ता उपस्थित थे।
इनकी प्रमुख मांगें : जेल भरो आंदोलन के तहत भाकपा माले की प्रमुख मांगों में ढिबरा, क्रशर को उद्योग का दर्जा देने, आवास, राशन, किरासन, पेंशन सभी गरीबों को गारंटी करने, केन्द्रीय करमा हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देने, मॉब लिंचिंग पर रोक लगाकर उनके आरोपियों को गिरफ्तार करने, बलात्कार की घटना पर रोक लगाने, बिहार के मुजफ्फरपुर की घटना के दोषियों को सजा देने, कोडरमा जिला को अकाल क्षेत्र घोषित करने, किसानों और गरीबों को राहत पहुंचाने आदि मांगे शामिल है।