रांची। ”अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। भारत रत्न और तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार शाम 5.05 बजे निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। दो महीने से एम्स में भर्ती थे, लेकिन पिछले 36 घंटों के दौरान उनकी सेहत बिगड़ती चली गयी। उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। वह पिछले नौ साल से बीमार थे। राजनीति की आत्मा की रोशनी जैसे घर में ही कैद थी। किसी से बात नहीं करते थे। जिनका भाषण सुनने विरोधी भी चुपके से सभा में जाते थे, उसी सरस्वती पुत्र ने मौन ओढ़ रखा था। अटलजी को यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। 30 साल से अटलजी के निजी फिजिशियन डॉ रणदीप गुलेरिया की देखरेख में एम्स में उनका इलाज चल रहा था। केंद्र सरकार ने अटलजी के निधन के बाद पूरे देश में सात दिन का शोक घोषित किया।
रघुवर दास, मुख्यमंत्री : ”श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयीजी के देहांत से मन बेहद विचलित है। आज मैंने अपने पिता समान गुरु को खो दिया है। ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। अटलजी का सामाजिक जीवन अनंत काल तक आनेवाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। युगपुरुष, भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी को शत-शत नमन।
आज राजकीय अवकाश सात दिन का राजकीय शोक: सीएम रघुवर दास ने घोषणा की है कि शुक्रवार को झारखंड में राजकीय अवकाश रहेगा। साथ ही सात दिन (16 से 22 अगस्त) का राजकीय शोक रहेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष”राहुल गांधी ने वाजपेयी के निधन पर जताया गहरा शोक : आज भारत ने एक महान बेटे को खो दिया। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी को करोड़ों लोग प्यार और सम्मान करते हैं, उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदना है, हम अटलजी को मिस करेंगे।