धनबाद। डीसी रेल लाइन शुरू होने के आसार नहीं। रेल लाईन अभी सुरक्षित नहीं है। कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ इंदरजीत सिंह (भारतीय प्रशासनिक सेवा) ने इसे असुरक्षित बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। डीजीएमएस के पाले गेंद डाल दी। कोल सचिव डॉ इन्द्रजीत सिंह कोल इंडिया लिमिटेड की महत्वपूर्ण इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के दो दिवसीय समीक्षात्मक दौरे पर गुरूवार को धनबाद पहुंचे। धनबाद-चन्द्रपुरा रेल लाइन के पुन: शुरू किए जाने के बारे मे कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। कहा- डीजीएमएस ने अभी इसे सुरक्षित घोषित नहीं किया है। कोल सचिव डॉ इन्द्रजीत के साथ झारखंड सरकार के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी तथा सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शेखर शरण भी धनबाद दौरे पर आए हुए हैं।
कोयला सचिव, भारत सरकार डॉ इंदरजीत सिंह, मुख्य सचिव(झारखंड) सुधीर कुमार त्रिपाठी व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (बीसीसीएल) प्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए लाईन पर वैकल्पि रूट पर काम शुरू है। कहा कि जान माल के नुकशान से बड़ा कुछ नहीं। वहीं मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि झरिया पुनर्वास का कार्य कोयला मंत्रालय, बीसीसीएल एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से जारी है और यह सरकार की प्राथमिकता के अंतर्गत आती है। केन्द्रीय कोयला सचिव डॉ इंदरजीत सिंह अपने बीसीसीएल दौरे के पहले दिन धनबाद चन्द्रपुरा लाइन तथा अग्नि प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने सेन्द्रा बांसजोड़ा, गोधर ओपेन कास्ट प्रोजेक्ट तथा घनुडीह, झरिया पहुंचे तथा बीसीसीएल के अधिकारियों एवं स्थानीय निवासियों से बातचीत की तथा वहाँ से जुड़े समस्याओं की जानकारी हासिल की। तत्पश्चात कोयला सचिव, डॉ इंदरजीत सिंह ने बीसीसीएल के लोदना क्षेत्र नॉर्थ तीसरा साउथ तीसरा परियोजना में चल रहे कोयला उत्पादन एवं खनन कार्यों को भी देखा। साथ ही उन्होने बीसीसीएल में पर्यावरण के सुरक्षा एवं संरक्षण के हेतु चलाए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया तथा बीसीसीएल के कार्यों की सराहना की। उन्होनें इको-रेसटोरेशन साईट गोकुल पार्क में अपने हाथों से वृक्षा रोपण भी किया।
झरिया भू-धंसान और अग्नि प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा : कोयला सचिव, भारत सरकार डॉ॰ इंदरजीत सिंह ने झरिया भू-धसान तथा अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित लोगों के लिए बसाये गए बेलगड़िया टाउनशिप तथा कमार्टांड़ का भी दौरा किया तथा वहाँ बसे हुए लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबन्धित अधिकारियों को दूर करने का निर्देश दिया। डॉ॰ इंदरजीत सिंह एवं उनके साथ आए हुए झारखंड सरकार के मुख्य सचिव सुधीर कुमार त्रिपाठी एवं अन्य अधिकारियों ने कोयला खदानों में उत्पादन के दौरान शहीद हुए श्रमिकों के याद में बनाए गए कोयला नगर स्थित शहीद स्मारक में पहुँच कर इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कोयला सचिव, दौरे के दौरान अध्यक्ष-सह-प्रबंधक निदेशक अजय कुमार सिंह, निदेशक तकनीकी (संचालन) देवल गंगोपाध्याय, निदेशक (वित्त) के एस राजाशेकर, निदेशक (कार्मिक), आर एस महापात्र,निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) के एन त्रिपाटी, मुख्य सतर्कता पदाधिकारी श्री कुमार अनिमेष के अतिरिक्त क्षेत्रीय महाप्रबंधक ,मुख्यालय विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हाइपावर कमेटी की बैठक में हुए शामिल : कोयला सचिव, भारत सरकार डॉ इंदरजीत सिंह एवं उनके साथ आए हुए मुख्य सचिव झारखंड सरकार सुधीर कुमार त्रिपाठी, कोयला मंत्रालय के निदेशक तकनीकी पीयूष कुमार एवं कोयला मंत्रालय के प्रोजेक्ट सलाहकार डॉ अनिंदया सिन्हा तथा कोल इंडिया के निदेशक (तकनीकी) विनय दयाल एवं इसीएल के अधक्ष-सह-प्रबंध निदेशक प्रेम सागर मिश्रा, महानिदेशक (खान सुरक्षा) ए सरकार ने बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह तथा बीसीसीएल के सभी निदेशकों के साथ हाई-पावर सेंट्रल कमिटी की बैठक हुई। जिसमें झरिया एवं रानीगंज कोयला क्षेत्र के मास्टर प्लान पर विस्तृत चर्चा हुई। तत्पश्चात उन्होनें बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, निदेशक मण्डल एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधकों/मुख्यालय के महाप्रबंधकों एवं विभागाध्यक्षों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक की।
सुरक्षित क्षेत्र में लोगों को बसाने पर की गयी चर्चा : झरिया के कोल सचिव का बस्ताकोला क्षेत्र के घनुडीह लालटेन गंज और लोदना के गोकुल पार्क में गुरुवार को दौरा का कार्यक्रम रखा गया था। जिसके तहत कोल सचिव इन्द्रजीत सिंह, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने बस्ताकोला क्षेत्र के अग्नि प्रभावित क्षेत्र घनुडीह लालटेन गंज का दौरा किया। इस दौरान काफी करीब से आग को देखा वहीं बस्ती के लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। कोल सचिव को लोगों ने बताया कि 171 घर यहां पर है, सभी जरेडा के तहत आवास चाहते हैं। वहीं सर्वे का काम भी हो चुका है। मोहरीबांध सहित एएएसपी में कुल हजार घर है। जल्द से जल्द लोगों को वहां बसाया जाए।
इस दौरान जीएम आरके सिंह ने कहा कि जरेडा 2004 का कागज मांग रहा है। अधिकतर विस्थापन इसी को लेकर अटका है। कोल सचिव ने ग्रामीणों से कहा कि आप सभी की समस्या का निदान होगा। यह एरिया असुरक्षित है। करीब 20 मिनट यहां रहे। इसके बाद गोकुल पार्क गए। यहां पर पर्यावरण के क्षेत्र में हो रहे काम को देखा। इस दौरान पौध रोपण भी किया। क्षेत्र की हरियाली को देखकर काफी प्रभावित भी हुए। साथ में सीएमडी, जीएम कल्याण जी प्रसाद सहित डीसी, एसएसपी, एसडीओ, सीओ, डीएसपी, सीआईएसएफ के अधिकारी, बीसीसीएल के अधिकारी आदि मौजूद थे।
कोल सचिव से लगायी पुनर्वास की गुहार : विस्थापित परिवार बीसीकेयु के केंद्रीय सचिव राजेंद्र पासवान के नेतृत्व मे कोल सचिव से जरेडा के तहत अभी तक पुनर्वास नही किए जाने की अपनी व्यथा कहने पहुँचे। लेकिन धनबाद के उपायुक्त ए डोड्डे ने उक्त लोगों को कोल सचिव से मिलने से रोकने लगे कि तभी कोल सचिव डॉ इंद्रजीत सिंह ने स्वयं लोगों की बात सुनने के लिए उन्हें बुलाया और उनकी बातें सूनी। लोगों ने कोल सचिव को बताया कि धनुडीह परियोजना के विस्तारीकरण के बाद से वे लोग कुल 171 परिवार विस्थापित है। सर्वे हुए कई वर्ष गुजर गए लेकिन आज तक पुनर्वास नही किया गया। जिसके कारण वे लोग भू धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र मे रहने को मजबूर है। लोगों ने कोल सचिव को गुहार लगाते हुए एक ज्ञापन सौपा जिसमें जल्द से जल्द उक्त परिवारों को पुनर्वासित किए जाने की मांग की
छात्रों को पर्यावरण का महत्व समझाया : कोल सचिव लोदना क्षेत्र के गोकुल धाम इको रेस्टोरेशन पार्क पहुंचे। यहां के भ्यू पॉइंट से एनटीएसटी परियोजना का अवलोकन किया एवं नीचे माइंस मे जाकर कोयला उत्खनन की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इसके बाद लोदना महाप्रबंधक कल्याण जी प्रसाद के द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से कोल उत्पादन की प्रक्रिया की प्रस्तुति दी गई। तदुपरांत इको रेस्टोरेशन पार्क मे लगाए गए पौधो के बारे मे जानकारी ली एवं वहाँ पहुँचे एमओसीपी मॉडल स्कूल के छात्रों को एक-एक पौधा और पर्यावरण संबंधी कैलेंडर देकर पर्यावरण की महता के बारे मे बताया।
आंदोलनकारी ने किया विरोध : रेल दो या जेल दो के आंदोलनकारी भी बांसजोड़ा पहुंचकर कोल सचिव इंद्रजीत सिंह का विरोध करते हुए।डीसी लाइन चालू करने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कोल सचिव को देखते ही नारे बाजी करने लगे। तिरंगा हाथों में लिए यह आंदोलकारी ने कहा कि रेल लाइन के नीचे आग नही है। बीसीसीएल सिर्फ कोयला निकालने को लेकर यह नाटक कर रही है।इसे लाइन को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात : कोल सचिव के आने की आहट से बीसीसीएल के तमाम अधिकारियों से लेकर मजदूर सक्रिय दिखे सुबह से ही साफ सफाई व रंग रोगन कर कोल सचिव को चकाचक दिखाने में लगे थे। रातो रात सपेशल सेल्टर का निर्माण कराया गया था।बदत्तर सड़क को चिकना करने की कोशिशें की गई।सीएसएफ जवानों के अलावा धनबाद पुलिसकर्मियों ने भी मोर्चा संभाल रखा था। कोल सचिव क साथ झारखंड के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी बीसीसीएल के सीएमडी एके सिंह व धनबाद उपायुक्त ए दोड्डे एसएसपी मनोज रतन चौथे मुख्य रूप से शामिल थे। वहीं मौके पर सीटी एसपी पियुष पाण्डेय एसडीएम अनन्य मित्तल बाघमारा बीडीओ रिंकू कुमारी सीओ प्रकाश कुमार लोयाबाद थानेदार अमित गुप्ता कोलियरी पीओ एके सिंह सहित सीआईएसएफ के अधिकारी भारी मात्रा में मौजूद थे।