गुवाहाटी. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कमर तक पानी में खड़े होकर तिरंगे को सलाम करते एक शिक्षक और तीन बच्चों की तस्वीर वायरल हो रही है। यह तस्वीर असम के धुब्री जिले के प्राइमरी स्कूल की है। इसमें स्कूल के शिक्षक ताजेन सिकंदर, नौ साल का हैदर और दो बच्चे दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी देशभक्ति की तारीफ हो रही है। हैरानी की बात ये है कि हाल ही में जारी हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के फाइनल ड्राफ्ट में हैदर का नाम नहीं है, जबकि उसके परिवार के बाकी सदस्यों का नाम है।
शिक्षक ताजेन सिकंदर ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हैदर एक गरीब परिवार से है। उसके पिता का देहांत 2012 में ही हो गया था। एनआरसी लिस्ट के लिए आवेदन करते वक्त हैदर ने सारे जरूरी दस्तावेज दाखिल किए थे। उसके दादा, मां, बड़े भाई और छोटी बहन का नाम इस सूची में है। चूंकि हैदर की मां शिक्षित नहीं हैं, इसलिए जब एनआरसी के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज होंगी, तब वे हैदर की मदद करेंगे।
30 अगस्त से शुरू होगी दावे की प्रक्रिया: 30 जुलाई को असम के एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट जारी किया गया था। इसमें 3.39 करोड़ में से 2.89 करोड़ लोगों को नागरिकता के लिए योग्य पाया गया। 40 लाख लोगों के नाम इस सूची में नहीं हैं। हालांकि, केंद्र ने कहा कि ड्राफ्ट में जिन लोगों के नाम नहीं हैं, उन्हें विदेशी घोषित नहीं किया जाएगा। इस पर दावे और आपत्ति की प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू होगी और 28 सितंबर तक चलेगी। यह सिटिजन रजिस्टर का दूसरा और अंतिम ड्राफ्ट है। 31 दिसंबर को पहला ड्राफ्ट जारी किया गया

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