जमशेदपुर. रेल मंत्रालय ने देश के रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता रिपोर्ट-2018 जारी की है। टाटानगर स्टेशन को ए1 और ए श्रेणी वाले स्टेशनों में 19वां स्थान मिला है। इस बार के सर्वे में स्वच्छता को लेकर तेजी से हो रहे सुधार वाले स्टेशनों की सूची भी जारी की गई है। टाटानगर ने पिछले साल की अपेक्षा 255.6 अंक की बढ़त से 871.8 अंक हासिल कर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया। साफ, सफाई, स्वच्छता में टाटानगर की सफलता से चक्रधरपुर मंडल में खुशी है। डीआरएम छत्रसाल सिंह ने इसके लिए टाटानगर और मंडल के अधिकारियों को बधाई दी है। टाटानगर दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में भी दूसरे स्थान पर है। पहला स्थान बिलासपुर को मिला है। चक्रधरपुर मंडल में टाटानगर नंबर वन है।
ए1 श्रेणी के 75 स्टेशनों में से टाटानगर को मिली रैंकिंग : टाटानगर को ए1 श्रेणी के 75 स्टेशनों में से रैंकिंग मिली है। वहीं, ए श्रेणी वाले 332 स्टेशनों में से रांची रेलवे स्टेशन को 173वां स्थान मिला है।
एक साल बाद फिर वापस पाई खोई हुई गरिमा : टाटानगर ने स्वच्छता के मामले में दो वर्ष पूर्व गरिमा को फिर हासिल कर ली है। 2016 के सर्वे में टाटानगर को देशभर में 19वां स्थान मिला था, लेकिन 2017 में 39वें पायदान गिरावट के साथ रैंकिंग 58वें स्थान पर जा पहुंची थी। लेकिन 2018 में टाटानगर फिर 39 पायदान ऊपर पहुंच गया।
ए1 में धनबाद को 63वां और ए में रांची 173वां स्थान मिला : टाटानगर रेलवे स्टेशन पूरे झारखंड में स्वच्छता के मामले में नंबर वन पर है। टाटानगर को यह ताज स्वच्छता सर्वे के जारी रिपोर्ट के आधार पर मिला है। देशभर के ए1 श्रेणी के 75 स्टेशनों में टाटानगर को 19वां स्थान मिला, जबकि धनबाद को 63वां स्थान मिला है। वहीं, ए श्रेणी वाले 332 स्टेशनों में रांची स्टेशन को स्वच्छता के मामले में 173वां स्थान मिला है। अगर दोनों श्रेणी के स्टेशनों को मिलाकर कर बात करें तो पूरे झारखंड में टाटानगर नंबर स्वच्छता के मामले में नंबर वन पर है।
साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और पार्किंग के कायाकल्प की बदौलत 39 पायदान की छलांग : इस साल जारी देशभर के रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता रिपोर्ट में टाटानगर को देशभर के ए व ए-1 श्रेणी वाले स्टेशनों में 19वां स्थान मिला है। इस बार के सर्वे में स्वच्छता को लेकर तेजी से हो रहे सुधार वाले स्टेशनों की सूची भी जारी की गई है, जिसमें टाटानगर ने 871.8 अंकों के साथ देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 2016 के सर्वे में टाटानगर को देशभर में 19वां स्थान मिला था, लेकिन 2017 में स्टेशन 58वें स्थान मिला। लेकिन व्यवस्था में सुधार के बाद इस साल फिर टाटानगर ने ओवरऑल रैकिंग में 39 पायदान की छलांग लगाई है। दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में टाटानगर दूसरे स्थान पर है। पहला स्थान बिलासपुर को मिला है।
यात्रियों ने दिया टाटानगर का साथ : इस बार के सर्वे में टाटानगर का साथ यात्रियों ने खूब दिया है। सर्वे के दौरान टीम ने यात्रियों से फीडबैक लिया है। तीन स्तर पर किए गए सर्वे में नीतिगत निर्णय में 282.19, डायरेक्ट ऑब्जरवेशन 280 और यात्री फीडबैक से 309.58 अंक प्राप्त हुआ है।
ये कारण रहे रैंकिग में सुधार के
1. एसकेलेटर-लिफ्ट की सुविधा : 2017 के सर्वे के दौरा एसकेलेटर-लिफ्ट का काम चल रहा था। इस कारण स्टेशन क्षेत्र पर गंदगी भी थी। लेकिन इस साल काम पूरा हो चुका था और यात्री इनका उपयोग कर रहे थे।
2. इन गेट-आउट गेट :स्टेशन के दोनों गेट पर व्यवस्था सुधारी गई। वाहनों के जाम लगने की समस्या 2017 के मुकाबले काफी कम हो गई थी। खोमचे वाले भी हटा दिए गए थे।
3. पार्किंग स्टैंड: पार्किंग स्टैंड की साफ-सफाई, वाहनों के खड़े होने और टिकटिंग व्यवस्था में सुधार हुआ।
4. पार्सल गेट का सौंदर्यीकरण: स्टेशन के पार्सल गेट का सौंदर्यीकरण किया गया। सामान आदि व्यवस्थित दिखे।
5. स्टेशन परिसर की साफ : सफाई 2017 में रैंकिंग में पिछड़ने पर टाटानगर स्टेशन पर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया। स्टेशन के वेटिंग हॉल, शौचालय प्लेटफॉर्म की सफाई पर ध्यान दिया गया।
स्वच्छता पर तीसरे पक्ष द्वारा किए गए अंकेक्षण सर्वेक्षण की तीसरी रिपोर्ट में 407 स्टेशन कवर किए गए हैं।
ए-1 श्रेणी स्टेशन (75 में से)
पहला जोधपुर उत्तर-पश्चिमी रेलवे
दूसरा जयपुर उत्तर-पश्चिमी रेलवे
तीसरा तिरुपतिदक्षिण-मध्य रेलवे
स्वच्छता में तेजी से सुधार हो रहे टॉप थ्री रेलवे स्टेशन
पहला- भोपाल
दूसरा- दरभंगा
तीसरा- टाटानगर
2016 में आईआरसीटीसी द्वारा पहला सर्वेक्षण किया गया। इसमें स्वच्छता के विभिन्न मानकों पर स्वच्छता रेटिंग की गई। दूसरा सर्वेक्षण 2017 में किया गया।
स्टेशन की रैंकिंग
1 – जोधपुर
2 – जयपुर
3 – तिरुपति
4 – विजयवाड़ा
5 – आनंद विहार
6 – सिकंदराबाद
7 – बांद्रा
8 – हैदराबाद
9 – भुवनेश्वर
10 – विशाखापटनम
टाटानगर स्टेशन रैंकिग में 19वें पायदान पर है