रांची: चारा घोटाले से जुड़े मामले में सजा काट रहे राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव गुरुवार को रांची की सीबीआई कोर्ट में किया। सरेंडर करने से पहले लालू यादव ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, जो भी कोर्ट का आदेश होगा वह उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोई इच्छा नहीं है। बता दें कि लालू 10 मई को अपने बेटे तेजप्रताप यादव की शादी के लिए बाहर आए थे, जिसके बाद अब वह जेल लौटेंगे।

लालू यादव, पिछले कई दिनों से जमानत पर थे, वह मुंबई में अपना इलाज करा रहे थे।  लालू के सरेंडर करने से पहले गुरुवार को झारखंड विकास मोर्चा (JVM) चीफ बाबूलाल मरांडी ने रांची में उनसे मुलाकात की।

लालू से मुलाकात करने के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीति के कारण बीजेपी लालू यादव पर शिकंजा कस रही है।  इस सरकार का बस चले तो दलितों की आवाज उठाने वालों पर गोली चलवा दे।

बीते 27 अगस्त को लालू की जमानत की मियाद पूरी हो रही थी।  इससे पहले लालू ने अदालत से औपबंधिक जमानत की अवधि तीन महीने और बढ़ाने की अपील की थी जिसे अदालत ने अस्वीकार करते हुए उन्हें 30 अगस्त तक सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।

सरेंडर करने से पहले मोदी सरकार को घेरा
पटना से रवाना होने से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश तानाशाह शासन की ओर बढ़ रहा है। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में लालू ने बिहार में कानून व्यवस्था ठीक नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पूरी तरह से अराजकता का माहौल है। उन्होंने कहा कि जब रोम जल रहा था, नीरो बंसी बजा रहा था, वही हालत नीतीश की है।

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