पटना: मुजफ्फरपुर कांड के विरोध में नीतीश सरकार के खिलाफ विपक्ष की गोलबंदी पर जेडीयू ने पलटवार किया है. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने मुजफ्फरपुर कांड पर सियासत के लिए विपक्षी दलों को जम कर लताड़ लगायी है. जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर झूठ का सहारा लेकर राजनीति चमकाने का आरोप लगाया है. केसी त्यागी ने कहा है कि तेजस्वी यादव दिल्ली के जंतर मंतर पर बैठ कर यह गलत बयान करते रहे कि मुजफ्फरपुर कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का नाम FIR में नहीं है. त्यागी ने FIR की कॉपी मीडिया को दिखाते हुए तेजस्वी को झूठा करार दिया है.
इसके साथ ही केसी त्यागी ने विरोधी दलों द्वारा मुख्यमंत्री से मांगे जा रहे इस्तीफे को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार न तो अपने पद से इस्तीफा देंगे और नहीं उनके इस्तीफा देने का कोई औचित्य है. मुख्यमंत्री को जनता ने पांच साल के लिए जीताया है. जिसमें हिम्मत हो वह 2020 में उनको हटा कर दिखा दे. नीतीश कुमार का इस्तीफा बालू माफिया और शराब माफियाओं के आदेश पर मांगा जा रहा है. उनका फ्रंटल ऑर्गेनाइजेशन का नाम है राष्ट्रीय जनता दल. बालू माफिया और शराब माफिया चाहते हैं कि नीतीश कुमार न रहे तो उनका राज होगा जैसा कि पहले था. त्यागी रविवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. केसी त्यागी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे का मतलब है अराजकता को न्योता देना. उनके इस्तीफे देने का मतलब है बहू, बेटियों का घर से न निकलना.
त्यागी ने कहा कि दो दिन पहले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को उन्होंने कहा था कि वह इनकी संगत में नहीं बैठे. वर्ना वह भी इनके जैसे हो जायेंगे. अफसोस है कि राहुल गांधी उन्हीं लोगों के साथ बैठे हुए थे. जिनके विरुद्ध आर्डिनेंस को फाड़ते हुए जनता के एक हिस्से में अपनी छवि बनाये रखा. उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल लालू प्रसाद के सुपुत्र के साथ साथ दिख रहे थे. अंतरविरोधों से ईर्ष्या और विद्वेषों से भरा हुआ यह ऐसा अद्भूत मिलन था कि सीता राम येचुरी और दिनेश त्रिवेदी फ्रेंडशिप बैंड बांधने से एक-दूसरे से परहेज कर रहे थे. लेकिन दोनों नेता नीतीश कुमार इस्तीफा दें, नरेंद्र मोदी की सरकार इस्तीफा दे इस पर एकमत थे. केजरीवाल और तेजस्वी यादव एक दूसरे से आंख चुरा रहे थे. लेकिन, नीतीश कुमार का इस्तीफा हो इस पर दोनों एक थे. क्लाइमेक्स तब हो गया कि बिहार और केंद्र में एनडीए की सरकार है और बिहार के एक भूतपूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी केंद्र की एनडीए सरकार से बिहार के एनडीए सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर रहे थे. सच तो यह है कि शनिवार को दिल्ली में दिल जलों का और वोटों के सौदागरों का फ्रेंडशिप डे था. यह नकारात्मक राजनीति की इम्तिहां थी.
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