रांची। कोल परियोजनाओं से उगाही कर टीपीसी के बड़े नक्सली करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। चतरा की मगध और आम्रपाली कोल परियोजना के साथ-साथ एनके एरिया पिपरवार टीपीसी उग्रवादियों के धन उगाही का बड़ा स्रोत है। टीपीसी पर एनआइए और इडी का शिकंजा कसने के बाद भी उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पायी है।
कैसे बच रहे बड़े उग्रवादी ?
मगध और आम्रपाली कोल परियोजना में शांति समिति सह संचालन समिति बनाकर प्रति ट्रक 2300 रुपये की वसूली होती है। चतरा पुलिस ने पांच शांति समितियों पर प्राथमिकी दर्ज करायी, इन समितियों में ग्रामीणों के नाम थे। लेकिन बड़े उग्रवादियों की कमेटी पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इस कमेटी में टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू, रिजनल कमांडर रवींद्र गंझू उर्फ आक्रमण, लक्ष्मण गंझू उर्फ कोहराम, मुकेश गंझू, युगल गंझू, परमेश्वर गंझू, अर्जुन गंझू, सुभान मियां, छोटू सिंह और ब्रजेश की पत्नी के भाई पंकज साव का नाम शामिल है। लेवी वसूली में इन उग्रवादियों की कमेटी पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी। टीपीसी उग्रवादियों और पुलिस के आलाधिकारियों के बीच भी रिश्ते की बात कई दफे सामने आयी है, यही वजह है कि चतरा पुलिस बड़े उग्रवादियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है।
पिपरवार की कोलियरियों से वसूली सबसे ज्यादा
पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक चतरा की मगध आम्रपाली कोल परियोजना के साथ-साथ पिपरवार में चल रही कोलियरियों से भी बड़े पैमाने पर वसूली हो रही है। पिपरवार एरिया की चार कोलियरियों पिपरवार, अशोका, चिरैयाटांड, बचरा से टीपीसी उग्रवादी भीखन गंझू लेवी की मोटी रकम वसूलता है। लेवी की राशि को वह मुकेश गंझू को देता है। भीखन गंझू सीसीएलकर्मी भी है। उसके खिलाफ चतरा, रांची में नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। सीसीएल कर्मी होने के साथ-साथ वह कोल परियोजनाओं में परिवहन का काम भी करता है।
एनटीपीसी रेलवे लाइन से भी लेवी वसूली
एनटीपीसी रेलवे लाइन से भी लेवी की वसूली मुकेश गंझू द्वारा करायी जाती है। पुलिस की ही एक रिपोर्ट के मुताबिक एनके एरिया और एनटीपीसी से वसूली की राशि मुकेश संगठन के शीर्ष तक पहुंचाता है। लेवी के पैसे से टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू, आक्रमण, कोहराम ने काफी संपत्ति बनायी है। रवींद्र कोल परियोजना में ही 10 हाइवा, पांच लोडर, 10 बाहर चक्का ट्रक चलवाता है। ट्रांसपोर्टिंग के जरिये वह मोटी कमाई करता है। दूसरे उग्रवादियों ने भी लेवी के पैसे से रांची, चतरा, हजारीबाग में काफी संपत्ति खरीदी है।