नयी दिल्ली। सिर्फ भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी कुछ लोग अटल बिहारी वाजपेयी के प्रशंसक हैं. एक बार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के बारे में कहा था कि पाकिस्तान में भी अटल बिहारी वाजपेयी जैसा कोई प्रधानमंत्री होना चाहिए.
खुफिया एजेंसियों और उनके कारनामों पर आधारित किताब ‘Spy Chronicles RAW, ISI and the Illusion of Peace’ में दुर्रानी और भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत की बातचीत छपी थी. इस बातचीत के दौरान आईएसआई के पूर्व प्रमुख दुर्रानी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ में खूब कसीदे पढ़े थे. उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी होती अगर वाजपेयी जैसा कोई शख्स पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बनता. कवि, दार्शनिक, वह हमारे लिए एक अच्छे प्रधानमंत्री साबित होते.’
वहीं विदेश नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की तुलना भी की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने शुरुआत के दो साल में भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर मनमोहन के मुकाबले ज्यादा काम किया है. दुलत ने ये भी कहा था, ‘मनमोहन सिंह का मकसद सही था, लेकिन उन्होंने अपने नौकरशाहों के ज़रिये भारत और पाकिस्तान के बीच पुल बनाने की कोशिश की. वहीं पीएम मोदी की बात की जाए तो उन्हें राजनयिकों के संदेश और टकराव से पार पाने में कोई परेशानी नहीं होती.’ यहां दुर्रानी और दुलत दोनों ने ही इस बात को स्वीकार किया था कि भारत-पाक संबंध को वापस पटरी पर लाने के लिए मोदी के पास बेहद कम वक्त बचा है. दुर्रानी ने कहा था, ‘अगर मोदी बाद में असफलता को सामने देख दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं, तो फिर कोई उन्हें गंभीरता से नहीं लेगा.’