पलामू : पलामू जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के उलडंडा गांव में एक गरीब किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पंचायत ने उसकी नाबालिग बेटी को बदचलन बताकर 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। किसान ने कर्ज लेकर 7000 रुपये पंचायत के पास जमा कर दिया था। वह शेष पैसे की व्यवस्था में लगा था। जब वह इसमें असफल रहा तो उसने अपनी जान दे दी। गांव के पास बहने वाली जगातिया नदी के किनारे महुआ के पेड़ से लटका हुआ उसका शव मंगलवार की देर शाम बरामद किया गया। पिता की आत्महत्या की खबर मिलने के बाद उसकी नाबालिग बेटी भी कुंए में कूद गयी परंतु उसे बचा लिया गया है। किसान की तीन नाबालिग पुत्री और दो पुत्र हैं। वह खेती के साथ मिट्टी का बर्तन बनाकर परिवार को पालता था। उसके समाज की पंचायत की रविवार को बैठक हुई थी। इसमें उसपर जुर्माना लगाने के साथ ही उसे गया-बनारस में कर्मकांड कर समाज को खिलाने-पिलाने का निर्देश दिया था।
पंचायत में अपनी गरीबी का हवाला देकर किसान ने काफी अनुनय-विनय किया, तब 11 हजार रुपये जुर्माना भरने और पंचायत में 51 बार उठक-बैठक करने का फैसला सुनाया गया। उठक-बैठक करने के बाद किसान ने अपने साले से 7 हजार रुपये कर्ज लेकर पंचायत को दिया और शेष पैसे का जुगाड़ करने के लिए जंगल की ओर निकल गया। परिजनों ने उसे रोकने और समझाने का प्रयास किया परंतु वह नहीं रुका। दो दिनों तक परिजन उसकी आस देखते रहे। अंतत: मंगलवार की शाम में उसका शव बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरा गांव सकते में है।