रांची। बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो को झारखंड हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने रेप का प्रयास मामले में ढुल्लू महतो को जमानत प्रदान कर दी। वह शुक्रवार को जेल से बाहर आ गये। समर्थकों ने उनका स्वागत किया। बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। हमें न्यायालय पर पूरा विश्वास था। हमने खुद सीबीआइ जांच की मांग की थी।
कोर्ट ने पूर्व में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। कोर्ट ने इस मामले में तीन साल बाद प्राथमिकी दर्ज कराने एवं देरी का कारण स्पष्ट नहीं करने को आधार बनाते हुए जमानत की सुविधा प्रदान कर दी। पूर्व की सुनवाई में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने कोर्ट को बताया था कि रेप का प्रयास का आरोप लगाकर राजनीतिक साजिश के तहत ढुल्लू महतो को फंसाया गया है। रेप का प्रयास का आरोप लगाने वाली महिला ने घटना नवंबर 2015 की बतायी है। उसकी ओर से नवंबर 2018 में आॅन लाइन प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। बाद में थाना में अक्टूबर 2019 में प्राथमिकी रजिस्टर किया गया। प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी का कारण तथाकथित पीड़िता ने नहीं बताया।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि ढुल्लू महतो के खिलाफ 35 प्राथमिकी दर्ज की गयी है। दूसरी ओर प्रार्थी की ओर से बताया गया था कि इन मामलों में से 33 मामलों में या तो ढुल्लू महतो बरी हो चुके हैं या पुलिस ने आरोप पत्र दायर नहीं किया है। इससे ढुल्लू के खिलाफ दर्ज 33 केस समाप्त हो चुके हैं। दो मामलों में अदालत में अपील दायर की गयी है। झारखंड में नयी सरकार आने के बाद ढुल्लू महतो के खिलाफ बेवजह कई आपराधिक केस किये गये हैं।
प्रतिवादी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि ढुल्लू महतो को जमानत मिलने पर वह गवाहों को धमकी देकर केस को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उनके द्वारा ट्रायल को भी प्रभावित किया जा सकता है। बता दें कि ढुल्लू महतो मई 2020 से जेल में हैं।
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