आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राज्य के शहरी क्षेत्र और 51 नगर निकायों में रहनेवाले अकुशल श्रमिकों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने मनरेगा की तर्ज पर मुख्यमंत्री श्रमिक योजना की शुरूआत की और इसके लिए वेब पोर्टल का लोकार्पण किया। सीएम ने इस मौके पर सांकेतिक तौर पर रांची की सरिता तिर्की, शिवम भेंगरा, शांति मुकुल खलखो, रोहित कुमार सिंह और सूरज कुमार वर्मा को जॉब कार्ड सौंपा। योजना के तहत msy.jharkhand.gov.in पर निबंधन करनेवाले अकुशल श्रमिकों को निबंधन के 15 दिन के भीतर रोजगार की गारंटी मिलेगी। रोजगार नहीं मिलने पर उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। सभी निबंधित श्रमिकों को जॉब कार्ड दिया जायेगा।
स्वाभिमान और पहचान का प्रतीक है नया लोगो : हेमंत
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड के नये प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण शुक्रवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी के आर्यभट्ट सभागार में किया। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड का नया प्रतीक चिन्ह राज्य के स्वाभिमान और पहचान का प्रतीक है। नया प्रतीक चिन्ह हमारी संस्कृति को रेखांकित करता है। यह हमारी अस्मिता का द्योतक और चेतना का प्रतीक है। राज्य के प्राकृतिक परिवेश और यहां के जीवन दर्शन को समेटे हुए यह हमारी पहचान को समग्रता से प्रकट करता है। खुशहाली, समृद्धि और परंपरा दिखेगी।
झारखंड के लोग भेदभाव नहीं करते
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के लोग भेदभाव नहीं करते। वे सामूहिकता में यकीन रखते हैं। नया प्रतीक चिन्ह चौकोर नहीं गोलाकार है। समय के साथ बदलाव जरूरी है, इसलिए हमने प्रतीक चिन्ह में परिवर्तन का निर्णय लिया। इसमें हरा रंग राज्य की हरियाली का प्रतीक है।
प्रतीक चिन्ह में पलाश के फूलों को दर्शाया गया है। इसका लाल रंग आग और क्रांति का प्रतीक है। वहीं लोगो में प्रयुक्त हाथी झारखंड का राजकीय पशु होने के साथ ताकत का भी प्रतीक है। हाथी बहुत अनुशासित जीव होता है और इसी तरह झारखंड के लोग भी अनुशासित होते हैं।
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शहीदों के नाम पर होंगे राज्य के मेडिकल कॉलेज
रांची (अजय शर्मा)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 15 अगस्त को राज्यवासियों के हित में कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री के रूप में इस कार्यकाल में पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडोत्तोलन करेंगे। उनसे लोगों को बड़ी उम्मीद है। मुख्यमंत्री राज्य के तीन मेडिकल कॉलेजों का नाम बदलने की घोषणा कर सकते हैं। इनमें पीएमसीएच धनबाद, दुमका और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इन सबका नाम झारखंड के शहीदों के नाम हो सकता है। राज्य के अनुबंधकर्मियों के लिए भी मुख्यमंत्री बड़ी घोषणा कर सकते हैं। सीएम पारा शिक्षकों के वेतनमान की घोषणा कर सकते हैं। कृषि ऋण माफ करने और बिजली बिल माफ करने की घोषणा भी हो सकती है। स्थानीय नीति में संशोधन, कोरोना में किस तरह गठबंधन सरकार ने काम किया, इसकी भी चर्चा सीएम करेंगे। किस तरह से खाली खजाने को भरने के लिए सरकार ने कदम उठाये हैं, इसे भी सीएम बतायेंगे।