Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Friday, July 17
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»बिजनेस»रामरतन ने आत्मसात कर लिया है आपदा को अवसर में बदलने का मूलमंत्र
    बिजनेस

    रामरतन ने आत्मसात कर लिया है आपदा को अवसर में बदलने का मूलमंत्र

    shivam kumarBy shivam kumarAugust 9, 2020No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण वर्ष 2020 इतिहास के पन्नों पर काले अध्याय के रूप में दर्ज होगा। इसके साथ 2020 आपदा को अवसर में बदलने के लिए भी जाना जाएगा। लॉकडाउन होने के बाद जब भुखमरी की नौबत आई तो देश के तमाम शहरों से लाखों श्रमिकों की भागम-भाग हुई। अपने को समाज हितैषी, लोक हितैषी कहने वाले बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने वर्षों से काम कर रहे श्रमिकों को दुत्कार कर भगा दिया। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, आसाम, राजस्थान समेत अन्य राज्य में रहकर औद्योगिक विकास की गाथा लिखने वाले श्रमिकों का काम जब लॉकडाउन में बंद हो गया तो इस दौरान वहां की सरकारों ने भी भाषणबाजी के अलावा मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया। बिहार के इन मेघा श्रम साधकों को वहां की सरकार ना तो खाना दे सकी और ना ही उद्योगपति रहने की जगह दे सके। जिसके कारण पैदल ही मजदूर अपने घरों की ओर चल पड़े। रास्ते में कितनों की जान चली गई। मजदूरों की जलालत को केन्द्र सरकार ने तुरंत ही समझा और गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किए गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आपदा को अवसर में बदलने का मूल मंत्र दिया। लगातार कार्य योजनाएं बनाई जा रही है, कार्य योजनाओं को धरातलीय रूप देने की कोशिश की जा रही है। बेगूसराय के दो हजार से अधिक लोग दिल्ली के गांधीनगर, साहिबाबाद और उसके आसपास के इलाकों में रहकर कपड़ा पोलिस, रेडीमेड कपड़ा सिलाई एवं पैकेजिंग का काम करते हैं। लॉकडाउन में इन लोगों का काम बंद हो गया था तो मालिक ने भगा दिया। फिर भी 50 से अधिक लोग गांधीनगर में ही रहकर अपने घर से पैसा मंगवा कर किसी तरह जीवन गुजार रहे थे। अनलॉक हुआ तो इन लोगों को काम शुरू होने की उम्मीद जगी। काम शुरू भी हुआ, लेकिन सभी लोगों को काम नहीं मिल सका। कारोबारी को दिल्ली के स्थानीय मजदूर ही कम रेट पर मिलने लगे, जिसके कारण इन लोगों ने बिहारी श्रम साधकों का अपमान करना शुरू कर दिया। 1995 में इंटर करने वाले रामरतन राय को भी जब काफी कोशिश के बाद बिहार में काम नहीं मिला था तो अन्य लोगों के साथ दिल्ली चले गए। वहां जींस फैक्ट्री में काम करना शुरू कर दिया। 2002 से लेकर 2015 तक वहीं जींस, टी-शर्ट और शर्ट तैयार करते थे। उसके बाद फैक्ट्री मालिक ने सिलाई के साथ-साथ देखरेख और बाजार की भी जिम्मेवारी सौंप दी तो रामरतन को काफी जानकारी मिल गई। 2017 में जब गांव आए थे रेडीमेड कपड़ा तैयार करने की सोची। लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे उद्योग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बगैर कमीशन लिए आवेदन अग्रसारित नहीं किया। पांच हजार से अधिक रुपया खर्च करने के बाद जब उद्योग विभाग से अग्रसारित होकर आवेदन स्टेट बैंक गढ़पुरा पहुंचा तो वहां के मैनेजर ने व्यवसाय नहीं चलने की बात कह कर कर्ज देने से इनकार कर दिया। मन मसोसकर फिर दिल्ली चले गए थे। लेकिन अब वह हर हालत में अपने गांव में ही रेडीमेड कपड़ा का निर्माण कार्य शुरू करेंगे। रामरतन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश, समाज और परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आपदा को अवसर में बदलने का नारा दिया है। इस संबंध में यूट्यूब पर ढ़ेर सारी जानकारी मिल रही है तो हम भी हर हालत में इस वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ेंगे। कोरोना काल के इस आपदा को हम अवसर में बदलेंगे। हम भी सशक्त बनेंगे और बनाएंगे, हमारे सशक्त बनने से ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। उद्योगों की स्थापना से बेरोजगारी में कमी आएगी, बेरोजगारी में कमी आएगी तो अपराध पर अंकुश लगेगा और श्रम के साधक आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleविजयवाड़ा के कोविड अस्पताल में आग की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख
    Next Article श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली
    shivam kumar

      Related Posts

      सोने-चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट, देशभर के सर्राफा बाजार में नरमी का रुख

      July 13, 2026

      खरीदारी से बाजार में उत्साह, 10 बजे तक सेंसेक्स 800+ और निफ्टी 250+ अंक चढ़ा

      July 10, 2026

      अमेरिकी बाजार की मजबूती का असर, गिफ्ट निफ्टी समेत एशिया के अधिकांश इंडेक्स हरे निशान में

      July 10, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • झारखंड देश का सबसे खनिज संपन्न राज्य, लेकिन खदानें बंद और जनता बेहाल: बाबूलाल मरांडी
      • आरएसएस कार्यालय बमबाजी मामले में एनआईए की दबिश, लोहरदगा में पांच ठिकानों पर छापेमारी
      • अशोक नगर चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, बंगाल से बरामद हुई वारदात में इस्तेमाल जगुआर कार
      • झारखंड में अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी, 28 जुलाई तक योगदान नहीं देने पर खत्म होगी सेवा
      • श्रावणी मेला 2026: देवघर बाबा मंदिर में वीआईपी कल्चर पर रोक, रविवार और सोमवार को बंद रहेगा शीघ्रदर्शनम
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version