धनबाद। जिला के एडीजे अष्टम उत्तम आनंद मौत मामले के चार दिन बाद भी अनुसंधान में पुलिस के हाथ अब तक खाली है। पुलिस ने अपनी कार्रवई तेज कर दी है। इधर-इधर धुआंधार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है ताकि कही से कुछ सुराग मिल जाए। इसी कड़ी में शनिवार की रात से लेकर रविवार की सुबह तक 200 से अधिक छोटे-बड़े अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान जज को धक्का मारने वाला आॅटो की मालकिन का पति रामदेव महतो भी पुलिस के हाथ लगा। जिले में यह अभियान एसएसपी संजीव कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। अपराधियों के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई कही जा रही है। इसके पहले अब तक धनबाद में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है और ना ही इतने बड़े पैमाने पर अपराधियों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि समय-समय पर वारंटियों को पकड़े के लिए एस ड्राइव चलता रहा है। लेकिन पहली बार 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही रविवार को शहर में आॅटो के खिलाफ भी अभियान चला। करीब 200 आॅटो को पकड़कर धनबाद थाने लाया गया।
मालूम हो कि न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के मामले में आटो चालक लखन कुमार वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को पुलिस घटना के दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि आटो मालिक रामदेव लोहार को शनिवार की रात गिरफ्तार किया गया। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद भी एडीजे अष्टम की हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। हत्या क्यों की गई, इसे जानने के लिए पुलिस ने हर प्रकार के अपराधियों की गिरफ्तारी शुरू की है। इसी कड़ी में धनबाद थाना क्षेत्र के अलावा सरायढेला, बैंक मोड़, धनसार समेत सभी पुलिस अंचलों एवं ओपी स्तर तक में रात भर छापामारी की गई है। इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि सभी पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और दारोगा के साथ पुलिस जवानों को लगाया गया था। अपराधियों के पुराने अपराधिक इतिहास को खंगालने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह छापामारी आगे भी जारी रहेगी।