मुंबई। पश्चिम रेलवे की माल और पार्सल विशेष ट्रेनें अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को जारी रखने के लिए देश भर में लगातार चल रही हैं। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे ने 1 अप्रैल, 2021 से 15 अगस्त, 2021 तक देश के विभिन्न हिस्सों में अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए 271 पार्सल ट्रेनें चलाई हैं। इस अवधि के दौरान मालगाड़ियों में 31.13 मिलियन टन लदान दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 24.70 मिलियन टन था। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल के मार्गदर्शन में डिविजनल बिजनेस डेवलपमेंट यूनिटों (BDUs) की बारीकी से निगरानी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप न केवल पार्सल यातायात में सुधार हुआ है, बल्कि नए यातायात के मामले में बेहतर माल ढुलाई के अवसर भी सृजित हुए हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, 1 अप्रैल 2021 से 15 अगस्त 2021 तक पश्चिम रेलवे ने अपनी विभिन्न पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से 1 लाख टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया है, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाएं, चिकित्सा उपकरण, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इनसे लगभग 35.50 करोड़ रु का प्राप्त राजस्व हुआ है। पश्चिम रेलवे द्वारा 47 हजार टन से अधिक दूध के परिवहन के लिए 68 मिल्क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं और वैगनों का 100% उपयोग किया गया। इसी प्रकार 82 कोविड -19 विशेष पार्सल ट्रेनें चलायी गयीं तथा 14,000 टन अत्यावश्यक वस्तुओं का परिवहन किया गया।
इसके अतिरिक्त 24,000 टन भार वाले 49 इंडेंटेड रेक भी शत-प्रतिशत उपयोग के साथ चलाये गये। किसानों को उनके उत्पादों के लिए नये बाजार उपलब्ध कराने और किफायती तथा तेज परिवहन के लिए इस अवधि में विभिन्न मंडलों से लगभग 18,000 टन भार के साथ 72 किसान रेलें भी चलाई गईं। इस अवधि के दौरान 1 अप्रैल, 2021 से 15 अगस्त, 2021 तक 31.13 मिलियन टन अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए मालगाड़ियों के कुल 14,289 रेक चलाये गये। 29896 फ्रेट ट्रेनों को अन्य जोनल रेलवे के साथ इंटरचेंज किया गया, जिसमें अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंट पर 14966 ट्रेनों को हैंडओवर किया गया और 14930 ट्रेनों को टेकओवर किया गया।
ठाकुर ने बताया कि बिजनेस डेवलपमेंट यूनिटें (BDUs) रेलवे बोर्ड द्वारा शुरू की गई प्रोत्साहन योजनाओं के साथ मौजूदा और संभावित माल ग्राहकों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि रेल से उनके माल के त्वरित, विश्वसनीय, किफायती और थोक परिवहन के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके।