महुआडांड़ । पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में प्रवेश वर्जित करने को लेकर लगाये गये बोर्ड को प्रशासन के द्वारा हटाये जाने को लेकर आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्यों के तीसरे दिन के धरना-प्रदर्शन में खलल पड़ गया। रोज-रोज के धरना प्रदर्शन से आजीज आ चुके जनप्रतिनिधियों एवं आमजन आक्रोशित हो गये। उनके आक्रोश को देखते हुए धरना देनेवाले भाग खड़े हुए। स्व घोषित कथित टाना भगत अपने साथ लाये साउंड बॉक्स समेत खाने पीने की सामग्री चावल, दाल, गैस चूल्हा, बर्तन, ओढ़ने की सामग्री कंबल, चादर छोड़ कर भाग गये। इसे बाद में महुआडांड़ थाना पुलिस के द्वारा जब्त कर लिया गया है।
क्या था मामला?
महुआडांड़ के विभिन्न स्थानों में पिछले दिनो महुआडांड़ थाना क्षेत्र स्थित दुर्गा बाड़ी मोड़ और बिरसा चौक के समीप पत्थलगड़ी की तर्ज पर पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में प्रवेश को वर्जित करने को लेकर छेछाड़ी परगना के सदस्यों द्वारा बोर्ड लगाया गया था। इसे पुलिस प्रशासन ने जब्त कर लिया था। उसके बाद से ही लगातार धरना-प्रदर्शन चल रहा था।
पल पल कुछ यूं बदलती रही तस्वीर
तीसरे दिन मंगलवार को दिन के 12:30 बजे तक आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्य हावी रहे। दस बजे कार्यालय खोलने पहुंचे महुआडांड़ एसडीएम नीत निखिल सुरीन, महुआडांड़ एसडीपीओ राजेश कुजूर, बीडीओ अमरेन डांग समेत सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों को वापस बैंरग लौटने को मजबूर कर दिया। अधिकारियों के समझाने के बावजूद कोई भी अपनी हठधर्मिता छोड़ने को तैयार नहीं हुआ तथा गाली गलौज करते हुए सभी पदाधिकारियों को वापस लौटने को मजबूर कर दिया।
अपराह्न 12 बजे लगभग जिप सदस्य इस्तेला नगेशिया, प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर, उपप्रमुख अभय मिंज, सभी पंचायत की मुखिया रेणु तिग्गा, उषा खलखो, सुषमा कुजूर, प्रमिला मिंज, रोशनी कुजूर, रेणुका टोप्पो, मगदली टोप्पो, रेखा नगेसिया, रीता खलखो, पंचायत समिति सदस्य निर्मला टोप्पो, ग्राम प्रधान अध्यक्ष कोरनेलियुस मिंज, लुइस कुजूर, डेविड मिंज, पूर्व जिप सदस्य मनीना कुजूर आदि समेत भारी संख्या मे स्थानीय लोंगों का पहुुंचना प्रारंभ हुआ एवं आक्रोशित उपरोक्त जनप्रतिनिधियों एवं आम जनों ने सर्वप्रथम तो आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्यों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, पर वे अपनी हठधर्मिता छोड़ने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि आक्रोशित हो गये। उन लोगों ने अनुमंडल कार्यालय, प्रखंड सह अंचल कार्यालय, कृषि तकनीकी सूचना केंद्र भवन समेत सभी कार्यालय में की गयी तालाबंदी को तोड़ दिया। वहीं लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्य भाग गये।
तीसरे दिन के हंगामे में महुआडांड़ के स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे अन्य जिलों से भी बाहरी लोग हुए शामिल, किया हंगामा।
पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में प्रवेश वर्जित करने को लेकर लगाये गये बोर्ड को प्रशासन के द्वारा हटाये जाने को लेकर आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्यों के द्वारा तीसरे दिन मंगलवार को किये गये हंगामे में महुआडांड़ प्रखंड के स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे अन्य जिलों से आये बाहरी लोग भी शामिल हुए थे।
कार्रवाई से असामाजिक तत्वों को दिया गया सीधा संदेश – हमें आपस में लड़ाने की न करें कोशिश, हम एक हैं
मंगलवार को असामाजिक तत्वों पर सीधी कार्रवाई कर महुआडांड के जनप्रतिनिधी, बुद्धिजीवी एवं आम जनों ने आपस में लड़ाने वाले असामाजिक तत्वों को सीधा मैसेज दिया कि हम महुआडांड़ के सभी समुदाय की जनता आपस में भाई भाई हैं , चंद लोग हमारे बीच आपस में फुट डाल कर लड़ाने की कोशिश नही करें। अन्यथा ऐसे ही परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
आदिवासी संगठन छेछारी परगना के सदस्यों पर दर्ज हुई एफआइआर
सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने एवं सरकारी कार्यालय में ताला जड़ने को लेकर महुआडांड़ बीडीओ अमरेन डांग के द्वारा आदिवासी संगठन छेछारी परगना के 14 नामजद सदस्यों एवं पचास अज्ञात सदस्यों पर महुआडांड़ थाना में एफआइआर दर्ज करायी गयी है। इसे लेकर महुआडांड़ थाना प्रभारी के द्वारा महुआडांड़ थाना कांड संख्या 82/22 धारा 147, 149, 151, 341, 342, 353, लगाया गया है एवं आरोपियों की धर पकड़ के लिए छापेमारी अभियान तेज कर दिया गया है।